छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम के खिलाफ चल रहे कुचक्रों और षड्यंत्रों के बीच पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार देर रात आयोजित दिव्य दरबार के दौरान उन्होंने वहां उपस्थित हजारों महिलाओं, बेटियों और माताओं से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। दिव्य दरबार में कथावाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वयं सतर्क रहने की सलाह दी: महाराज श्री ने कहा कि माताएं और बहिनें जब भी बागेश्वर धाम आएं, तो अपने परिवार के साथ ही आएं। यदि किसी कारणवश अकेले आना पड़े, तो अत्यधिक सावधानी बरतें और धाम में ज्यादा दिनों तक न ठहरें। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें और न ही किसी अपरिचित के साथ कहीं जाएं। सुरक्षा के मामले में खुद समझदार बनने और अन्य श्रद्धालुओं को भी जागरूक करने का दायित्व हम सभी का है। बागेश्वर महाराज ने धाम के विशाल क्षेत्रफल और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का जिक्र करते हुए सनातन धर्म के खिलाफ हो रही साजिशों पर चिंता जताई: उन्होंने बताया कि बागेश्वर धाम का दायरा लगभग 5 किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इतने बड़े पूरे इलाके में हर कोने पर सुरक्षा देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। हालांकि, मुख्य मंदिर परिसर, दरबार हॉल और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आए दिन बागेश्वर धाम को बदनाम करने की नीयत से किसी न किसी बाहरी घटना को धाम के नाम से जोड़ दिया जाता है। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में चारों तरफ से सनातन संस्कृति पर हमले हो रहे हैं। सनातन धर्म पर कुठाराघात करने वाले इन असामाजिक तत्वों को समय आने पर करारा जवाब मिलेगा।
लुधियाना। पंजाब के औद्योगिक नगर लुधियाना में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से आयोजित हो रही श्री हनुमंत कथा के चौथे दिन आस्था, भक्ति और श्रद्धा का अनूठा महासंगम देखने को मिला। विशाल कथा पंडाल में जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु हनुमान भक्ति के भजनों पर झूमते नजर आए, वहीं विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं और जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने भी सबका ध्यान खींचा। इसी क्रम में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कथा स्थल पहुंचकर बागेश्वर महाराज के दर्शन किए और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालुओं के साथ-साथ कई विधायकों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और प्रमुख गणमान्य नागरिकों ने व्यासपीठ पर नतमस्तक होकर महाराज श्री का स्वागत-सत्कार किया। वर्ल्ड ह्यूमैनिटी पार्लियामेंट (USA) ने दिया 'आदि सनातन धर्म रत्न' सम्मान कथा के चौथे दिन का मुख्य आकर्षण बागेश्वर महाराज को मिला अंतरराष्ट्रीय स्तर का सम्मान रहा। वर्ल्ड ह्यूमैनिटी पार्लियामेंट, न्यू जर्सी (यूएसए) के प्रतिनिधियों ने कथा मंच पर पहुंचकर महाराज श्री को उनके आध्यात्मिक उत्थान, सामाजिक समरसता और जनकल्याणकारी अभियानों के लिए प्रतिष्ठित ‘आदि सनातन धर्म रत्न व्यासपीठ’ सम्मान से अलंकृत किया। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और समाज में मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा किए जा रहे कार्य वैश्विक स्तर पर सराहनीय हैं। 'कथा और संतों का सान्निध्य समाज को देता है नई दिशा': रवनीत बिट्टू व्यासपीठ पर आशीर्वाद लेने पहुंचे पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि पंजाब की गुरुओं और संतों की पावन धरती पर श्री हनुमंत कथा का यह दिव्य आयोजन पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार कर रहा है। उन्होंने महाराज श्री से पंजाब की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। शहरभर में आस्था का सैलाब, कथा पंडाल में तिल रखने की जगह नहीं लुधियाना में बागेश्वर महाराज के आगमन को लेकर शहरवासियों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कथा स्थल से लेकर आसपास के मुख्य मार्गों तक भक्तों का तांता लगा हुआ है। भीषण भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आयोजकों और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। जय श्री राम और बागेश्वर धाम के जयकारों से पूरा परिसर गूंजायमान बना हुआ है।
लुधियाना, रोहित पाठक। पंजाब के औद्योगिक नगर लुधियाना में आज से आस्था और सनातन संस्कृति का भव्य समागम शुरू होने जा रहा है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 26 से 30 सितंबर तक आयोजित पांच दिवसीय विशाल धार्मिक अनुष्ठान के लिए लुधियाना पहुंच चुके हैं। महाराज के पंजाब आगमन पर स्थानीय आयोजन समिति, गणमान्य नागरिकों और हजारों श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और 'जय श्री राम' के गगनभेदी जयकारों के साथ उनका ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया। इस पांच दिवसीय धार्मिक महोत्सव के दौरान बागेश्वर महाराज श्रद्धालुओं को प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त संकटमोचन हनुमान जी के चरित्र, आदर्श और महिमा का रसपान कराएंगे। कथा के साथ-साथ आयोजन के दौरान एक दिवसीय विशेष 'दिव्य दरबार' भी लगाया जाएगा, जिसमें पंजाब सहित पड़ोसी राज्यों हरियाणा, हिमाचल और जम्मू से भी भारी संख्या में भक्तों के जुटने की संभावना है। गौरतलब है कि पंजाब की पावन धरती पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर का यह दूसरा बड़ा आयोजन है। इससे पहले करीब तीन वर्ष पूर्व पठानकोट में उनकी कथा का ऐतिहासिक आयोजन हुआ था, जिसमें रिकॉर्ड जनसैलाब उमड़ा था। लुधियाना में कथा को लेकर शहरभर में उत्सव का माहौल है। कथा स्थल पर विशाल वाटरप्रूफ पंडाल, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, गुरु के लंगर और प्राथमिक चिकित्सा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भक्तों की संभावित भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सहयोग से सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए गए हैं। कथा के पहले दिन से ही पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह की लहर देखी जा रही है।
ग्रेटर नोएडा, रोहित पाठक। ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक दृष्टिकोण और आधुनिक जीवन में मानसिक संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से माइंड सेट, लाइफ सेट प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके मुख्य वक्ता बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री। इस विशेष संवाद सत्र में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों में अध्ययनरत देश और विदेश के हजारों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवाओं के साथ करियर, मानवीय रिश्तों, मानसिक तनाव और भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर सीधा संवाद किया। उन्होंने जीवन को बेहतर ढंग से जीने और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए विद्यार्थियों को आठ महत्वपूर्ण सूत्र बताए। उन्होंने इन सभी बातों को आध्यात्मिक चेतना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के सुंदर समन्वय के साथ समझाते हुए युवाओं को अपने विचारों, दैनिक आदतों और प्राथमिकताओं पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों को सफलता का मार्ग दिखाते हुए उन्होंने पहला मंत्र 'जैसी दृष्टि, वैसी सृष्टि' का दिया, जिसके तहत उन्होंने समझाया कि सकारात्मक नजरिया रखने पर ही परिस्थितियां अनुकूल बनती हैं। दूसरे मंत्र में उन्होंने 'बेहतर सोचिए, बेहतरीन बनिए' का संदेश देते हुए कहा कि उत्कृष्ट विचार ही व्यक्ति को असाधारण बनाते हैं। तीसरे सूत्र में उन्होंने समय और ऊर्जा के सही प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को इस बात पर विचार करना चाहिए कि उसकी जिंदगी में किसकी कितनी जगह है। चौथे मंत्र के जरिए उन्होंने युवाओं को मानसिक संबल देते हुए कहा कि 'असफलता केवल एक घटना है, वह आपकी पहचान नहीं हो सकती', इसलिए किसी भी मोड़ पर हार मानने के बजाय नए सिरे से प्रयास करना चाहिए। पांचवें सूत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्ति की रोज की छोटी-छोटी आदतें और अभिरुचि ही उसका भविष्य तय करती हैं। इसके बाद छठे सूत्र में उन्होंने जीवन के लक्ष्य पर जोर देते हुए सवाल किया कि 'आप सफल हुए लेकिन किसलिए', यानी सफलता का उद्देश्य समाज और आत्म-कल्याण से जुड़ा होना चाहिए। अंतिम दो सूत्रों में उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि केवल नौकरी या करियर बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसा जीवन जीना चाहिए जिस पर खुद को और समाज को गर्व हो सके। इसके साथ ही उन्होंने सफलता के साथ जीवन के वास्तविक उद्देश्य और संतुलन को सबसे आवश्यक पहलू बताया। उपस्थित छात्र-छात्राओं ने इन विचारों को करियर और व्यक्तिगत जीवन के लिए बेहद उपयोगी और प्रेरक बताया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं 'वंदे मातरम' के समवेत गायन के साथ हुआ।
मुंबई। सनातन संस्कृति और धार्मिक निष्ठा से जुड़े एक विशेष घटनाक्रम में आगामी फिल्म 'हनुमान अंश' की निर्माता अनुप्रिया ने मुंबई स्थित प्रसिद्ध सनातन मठ पहुंचकर पूज्य सरकार (संत) के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने पूज्य सरकार का आशीर्वाद प्राप्त किया और अपनी आगामी फिल्म की सफलता तथा जनकल्याण की कामना की। मठ परिसर में आयोजित इस भेंट के दौरान भक्ति, श्रद्धा और धार्मिक ऊर्जा का माहौल रहा: फिल्म निर्माता अनुप्रिया ने पूज्य सरकार से भेंट कर सनातन धर्म, कला और धार्मिक फिल्मों के माध्यम से युवाओं में सांस्कृतिक चेतना जगाने के विषय पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। मठ में उपस्थित श्रद्धालुओं और भक्तों के लिए यह क्षण अत्यंत पावन, विशेष और प्रेरणादायक रहा। उल्लेखनीय है कि फिल्म 'हनुमान अंश' सनातन धर्म के मूल्यों और भगवान हनुमान की महिमा पर आधारित एक महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है, जिसको लेकर श्रद्धालुओं और दर्शकों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है।