रीवा। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। रीवा में भारतीय जनता पार्टी के सांसद जनार्दन मिश्रा द्वारा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध कर रहे लोगों पर दिए गए विवादित बयान के बाद कांग्रेस पूरी तरह हमलावर हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सत्ता के अहंकार का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा विवाद?
रीवा में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) से वाहनों में आ रही समस्याओं और माइलेज में गिरावट को लेकर विरोध जताया था। विरोध कर रहे लोगों को संबोधित करते हुए भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वे आपा खोते हुए कहते नज़र आए— "शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा क्या?" सांसद के इस अमर्यादित बयान के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
उमंग सिंघार का तीखा पलटवार
कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सांसद के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा: "यह सिर्फ एक सांसद की अमर्यादित भाषा नहीं, बल्कि पूरी भाजपा के सत्ता के अहंकार को दर्शाती है। सांसद जी, शुद्ध पेट्रोल किसी के बाप के घर से नहीं आता, लेकिन पेट्रोल में एथेनॉल की मिलावट आखिर किसके बाप-बेटे के फायदे के लिए की जा रही है? यदि एथेनॉल मिश्रण से आम जनता को परेशानी हो रही है, तो उन्हें सवाल पूछने का पूरा अधिकार है और भाजपा सरकार को इसका जवाब देना होगा।"
एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति: फायदे बनाम वाहन चालकों की चिंताएं
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर देशव्यापी बहस जारी है। कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और विदेशी मुद्रा की बचत करना। गन्ना और मक्का उत्पादक किसानों को उनकी फसलों के लिए अतिरिक्त बाजार और आय का जरिया प्रदान करना। केंद्र सरकार ने एथेनॉल ब्लेंडिंग को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाते हुए 20 प्रतिशत (E20) के स्तर तक पहुँचाया है। E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों के माइलेज में कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। बीएस-4 और उससे पुराने वाहनों के इंजन पर एथेनॉल मिश्रित ईंधन के प्रतिकूल असर पड़ने और इंजन पार्ट्स के खराब होने की आशंका को लेकर वाहन चालक परेशान हैं।




