गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में हुई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी और डकैती के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज छह दिन के भीतर खुलासा कर दिया है। फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के चक चुरेला गांव में पंचायत सचिव पवन मीना के घर से तिजोरी उखाड़कर ले जाने वाले गिरोह के दो पारदी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर खेत में एक बिजली के खंभे के नीचे छिपाकर रखा गया 985 ग्राम सोना बरामद किया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 1.47 करोड़ रुपये है।
तिजोरी उखाड़ ले गए थे 18-20 बदमाश
घटना 2 और 3 जुलाई की दरमियानी रात की है, जब 18 से 20 बदमाशों के गिरोह ने पंचायत सचिव पवन मीना के घर को निशाना बनाया। बदमाश घर में रखी भारी-भरकम तिजोरी उखाड़ ले गए थे, जिसमें करीब 2 किलो सोना, 3 किलो चांदी, 11.50 लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल शामिल थी। ग्रामीण इलाका होने और सीसीटीवी कैमरे न होने से शुरुआत में पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी।
72 पुलिसकर्मियों की टीम और 7 थानों का एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हितिका वासल, एएसपी प्रशांत सिंह सुमन और एसडीओपी विवेक अष्ठाना के नेतृत्व में 7 थानों (फतेहगढ़, कैंट, राघौगढ़, बमोरी आदि) और साइबर सेल के 72 पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम गठित की गई। फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस का शक धरनावदा थाना क्षेत्र के कनेरा गांव के पारदी गिरोह पर जाकर टिका।
बिजली के खंभे के नीचे मिला 1.47 करोड़ का सोना
पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच 8 अगस्त को दो आरोपियों—राजू पारदी (35 वर्ष) और गजानंद पारदी (48 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने चोरी का माल छिपाने का राज खोला: आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम एक खेत में पहुंची और वहां लगे बिजली के खंभे के ठीक नीचे खुदाई की। जमीन के नीचे से 985.150 ग्राम सोना बरामद किया गया, जिसकी कीमत ₹1.47 करोड़ है। बाकी जेवर, चांदी और नकदी की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
सिंधिया की शपथ और 'कनेरा गांव' का अनोखा संयोग
इस वारदात के साथ एक दिलचस्प संयोग भी चर्चा में है। वारदात से करीब एक महीने पहले ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कनेरा गांव पहुंचे थे। एक सब-स्टेशन के लोकार्पण कार्यक्रम में उन्होंने ग्रामीणों को अपराध, चोरी और डकैती का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने की शपथ दिलाई थी। हालांकि, शपथ के एक महीने भीतर ही इसी गांव के गिरोह द्वारा इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया गया।
बाकी 18-20 सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ है कि इस वारदात में 18 से 20 लोग शामिल थे। गिरोह के कई सदस्यों की पहचान की जा चुकी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी व बचे हुए माल की बरामदगी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।




