भोपाल। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने UCC के विरोध में प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का औपचारिक ऐलान किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस (PC) कर आरोप लगाया कि UCC के जरिए अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से मुस्लिम वर्ग के संवैधानिक अधिकारों को छीनने का प्रयास किया जा रहा है।


आर्टिकल 29 का हवाला और आंदोलन की रूपरेखा

आरिफ मसूद ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 29 (Article 29) अल्पसंख्यकों की संस्कृति और अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करता है। उन्होंने बताया कि इस कानून के विरोध में सभी मुस्लिम संगठनों और अन्य सामाजिक संगठनों को एक मंच पर लाकर संयुक्त आंदोलन चलाया जाएगा।


चरणबद्ध आंदोलन के प्रमुख बातें: प्रदेश के सभी जिलों में राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टरों को मेमोरेंडम (ज्ञापन) सौंपा जाएगा। ज्ञापन सौंपने की इस प्रक्रिया में प्रत्येक जिले से 21 महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा। आंदोलन के अगले चरण में अन्य धर्मों और समुदायों के प्रतिनिधियों से चर्चा की जाएगी और उन्हें भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। मसूद ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने (कोर्ट जाने) की तैयारी भी समानांतर रूप से चल रही है।


आरिफ मसूद के अनुसार, यह लड़ाई केवल एक वर्ग की नहीं बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता को बचाने की है, जिसके लिए सभी वर्गों को साथ लिया जाएगा।