छतरपुर/रोहित पाठक। विश्व प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम में पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में छठे ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन का भव्य आयोजन बीते रोज संपन्न हुआ। सनातन संस्कृति और वैदिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर घर-घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू हुए इस महाअभियान के तहत धाम परिसर में तो आस्था का सैलाब उमड़ा ही, साथ ही तकनीकी माध्यमों से देश और दुनिया के कोने-कोने में बैठे लाखों श्रद्धालु भी इस अनुष्ठान के सीधे सहभागी बने। उल्लेखनीय है कि इस आध्यात्मिक श्रृंखला की शुरुआत 4 दिसंबर 2025 को प्रथम हवन के साथ की गई थी, जिसके बाद से यह अनूठा अभियान लगातार पूरी दुनिया के सनातनियों को धर्म, संस्कार और अपनी प्राचीन संस्कृति की जड़ों से जोड़ने का एक बेहद सशक्त माध्यम बन चुका है।


इस भव्य छठे महाहवन के दौरान बागेश्वर धाम परिसर में साक्षात मौजूद लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा की सिद्ध चौपाइयों पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच यज्ञ कुंड में आहुतियां अर्पित कीं। वहीं, दूसरी ओर डिजिटल और ऑनलाइन माध्यमों का एक बड़ा और सकारात्मक उपयोग देखते हुए भारत सहित विश्व के लगभग 13 अन्य देशों में रहने वाले 1 लाख से अधिक परिवारों ने एक ही समय पर अपने-अपने घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, फैक्ट्रियों और कार्यालयों में बकायदा यज्ञवेदी बनाकर इस दिव्य आयोजन में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। सामूहिक रूप से संपन्न हुए इस राष्ट्रव्यापी और अंतरराष्ट्रीय हवन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक सनातनी परिवार में सुख-शांति, समृद्धि, आरोग्यता की स्थापना करना तथा लोगों के व्यापार, करियर और कार्यक्षेत्र में उन्नति की कामना करना रहा।


यज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बागेश्वर महाराज ने इस वैश्विक सहभागिता पर गहरा हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुदूर देशों में बैठे भक्तों का इस ऑनलाइन हवन अभियान से नियमित रूप से जुड़ना और सनातन परंपराओं को आगे बढ़ाना यह साबित करता है कि हमारी संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी हैं। इस प्रकार के सामूहिक और आधुनिक तकनीकी आधारित धार्मिक आयोजनों से न केवल भारत की प्राचीन ऋषियों की वैज्ञानिक परंपराओं का संरक्षण हो रहा है, बल्कि संपूर्ण विश्व में बिखरे हुए सनातनियों के बीच आपसी एकता, अटूट श्रद्धा और एक नई आध्यात्मिक जागरूकता का संचार भी हो रहा है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि घर-घर हवन की यह लुप्त होती जा रही गौरवशाली परंपरा अब पुनः जीवित हो रही है, जो आधुनिक समाज को विकारों से दूर रखकर संस्कारों से जोड़ने का एक महती कार्य कर रही है।


इस पावन अवसर पर बागेश्वर महाराज ने देश-विदेश में मौजूद करोड़ों भक्तों की भारी उत्सुकता को देखते हुए आगामी सातवें ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन की तिथि की भी आधिकारिक घोषणा कर दी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि आगामी 17 जुलाई 2026 को बागेश्वर धाम की पवित्र धारा से इस विशेष अनुष्ठान का पुनः सीधा प्रसारण और आयोजन किया जाएगा, जिसमें इस बार और अधिक परिवारों को अपने घरों में रहकर पूर्ण शुचिता के साथ आहुतियां अर्पित करनी चाहिए। पूरे महाअनुष्ठान का सफल संचालन और मुख्य यज्ञवेदी का पूजन धाम के रसाचार्यों द्वारा पूर्ण वैदिक विधि-विधान, षोडशोपचार पद्धति और शास्त्रोक्त नियमों के साथ संपन्न कराया गया, जिसमें डूबे श्रद्धालु देर तक हनुमान चालीसा के पाठ और बजरंगबली की भक्ति में लीन नजर आए।