राजकोट (रोहित पाठक)। अपने बयानों और दिव्य दरबार को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस समय गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के राजकोट में तीन दिवसीय भव्य कथा और दिव्य दरबार यात्रा पर हैं। कथा के पहले ही दिन उन्होंने मंच से हिंदू समाज की एकजुटता और सतर्कता को लेकर एक बेहद बड़ा और तीखा बयान दिया है, जिससे देश का धार्मिक और सियासी पारा एक बार फिर गरमा गया है। बागेश्वर सरकार ने देश में चल रहे विभिन्न घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए हिंदुओं को सीधे तौर पर सावधान रहने की चेतावनी दी है और कहा है कि एकता ही हिंदू समाज की सबसे बड़ी और अचूक शक्ति है।
कथा के प्रथम दिवस पर विशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए बागेश्वर सरकार ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में विगत दिनों हुई एक दर्दनाक घटना का सीधा उदाहरण दिया। उन्होंने मंच से कहा कि गाजियाबाद में सूर्या नाम के एक मासूम बालक को पहले दोस्ती के जाल में फंसाया गया और फिर 'हलाला' दिखाने के बहाने ले जाकर चाकुओं से गोदकर बेरहमी से मार डाला गया। इस घटना से आक्रोशित बागेश्वर सरकार ने दोटूक लहजे में कहा कि हम यहां सिर्फ राजकोट के लोगों को कथा सुनाने नहीं आए हैं, बल्कि सोते हुए हिंदुओं को जगाने के लिए आए हैं। उन्होंने पंडाल में उपस्थित हजारों लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि वे भगवान से यही प्रार्थना करेंगे कि पूरा हिंदू समाज समय रहते जागे और एक हो; क्योंकि यदि हिंदू आज संगठित नहीं हुए, तो आने वाले समय में देश के भीतर न जाने कितनी बड़ी और भयानक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
वर्तमान परिदृश्य पर कड़ा प्रहार करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि देश में अभी तक लव जिहाद, थूक जिहाद और लैंड जिहाद जैसे खतरनाक ट्रेंड चल रहे थे, लेकिन अब सनातनियों को जाल में फंसाने के लिए एक नया ट्रेंड 'दोस्ती जिहाद' शुरू कर दिया गया है, जिससे युवाओं को बहुत अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भारत देश में किसी के भी व्यक्तिगत विरोधी नहीं हैं और न ही वे मुसलमानों के दुश्मन हैं, लेकिन वे यह साफ कर देना चाहते हैं कि जो भी लोग इस देश में रह रहे हैं, वे 'कायदे में रहेंगे तो ही फायदे में रहेंगे।' उन्होंने भाईचारे का ज्ञान देने वाले बुद्धिजीवियों पर तंज कसते हुए कहा कि हमसे बहुत से लोग कहते हैं कि महाराज जी आप मंच से भाईचारे का संदेश दीजिए, लेकिन काश यही ज्ञान देने वाले लोग कभी उन असामाजिक तत्वों से भी जाकर कहते कि वे भी हिंदुओं के साथ भाईचारा निभाएं।
राजकोट और संपूर्ण सौराष्ट्र के हिंदुओं में जोश भरते हुए बागेश्वर सरकार ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक नए सिद्धांत पर जीने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब हिंदुओं को बिखराव का रास्ता छोड़कर आपसी मतभेद भुलाने होंगे और संगठित होना पड़ेगा। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि यदि भारत का हिंदू समाज इसी तरह पूरी तरह संगठित, जागरूक और शक्तिशाली बना रहेगा, तो दुनिया की कोई भी ताकत उनका बाल भी बांका नहीं कर सकेगी। उनके इस प्रभावी और कड़क संबोधन के दौरान पूरा कथा पंडाल 'जय श्री राम' और 'बागेश्वर सरकार की जय' के गगनभेदी नारों से देर तक गूंजता रहा।



