राजकोट, रोहित पाठक। गुजरात के राजकोट में आयोजित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीन दिवसीय भव्य कथा और दिव्य दरबार यात्रा का रविवार को भक्तिमय माहौल में समापन हो गया। कथा के इस अंतिम व विराम दिवस पर गुजरात के सुप्रसिद्ध और लोकप्रिय भजन गायक कीर्तिदान गढवी और माया भाई अहीर विशेष रूप से सम्मिलित हुए। दोनों ही दिग्गज कलाकारों ने मंच से एक से बढ़कर एक भजनों की ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि पूरे पंडाल में समां बांध दिया। भजनों की इन मधुर स्वर लहरियों पर झूमते हुए बागेश्वर महाराज के साथ-साथ पूरा कथा परिसर भाव-विभोर और मंत्रमुग्ध हो उठा।


कथा की आधिकारिक पूर्णाहूति होने के बाद रविवार की रात को पंडाल में एक भव्य 'संत संगत' (भजन संध्या) का विशेष आयोजन किया गया था। इस संत संगत के दौरान देश और प्रदेश के नामचीन भजन सम्राटों ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी संत-महात्माओं, विशिष्ट अतिथियों और हजारों श्रद्धालुओं ने इन दिव्य भजनों का रसपान करने के साथ-साथ बागेश्वर महाराज श्री के मुखारविंद से बरसे आशीर्वचनों का भी जमकर आनंद उठाया।


यह आध्यात्मिक भजन संध्या और संतों की संगत देर रात तक अनवरत चलती रही। इस दौरान गुजरात की एक अन्य सुप्रसिद्ध महिला भजन गायिका ने भी मंच संभाला और अपनी सुरीली आवाज में संत शिरोमणि मीराबाई के प्रसिद्ध कृष्ण भजनों की ऐसी सुंदर प्रस्तुति दी कि देर रात तक पंडाल में मौजूद भक्तगण भक्ति के सागर में गोते लगाते रहे। कथा विराम के इस अंतिम दिन राजकोट की पावन धरा पर आस्था, संगीत और संत सानिध्य का एक अनूठा संगम देखने को मिला।