मैहर, प्रशांत शुक्ला। मध्य प्रदेश के नवनिर्मित जिले मैहर में महिलाओं के समूह लोन को लेकर धोखाधड़ी का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम जूरा की दर्जनों गरीब और मध्यमवर्गीय महिलाओं ने स्थानीय रसूखदारों पर मानवीय संवेदनाओं का गलत फायदा उठाकर लाखों रुपये की ठगी करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस धोखाधड़ी से आक्रोशित महिलाओं ने मैहर के प्रमुख घंटाघर क्षेत्र में एकत्रित होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। घटना को लेकर पूरे क्षेत्र की पीड़ित महिलाएं लामबंद हो गई हैं और न्याय के लिए पुलिस के उच्च अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं।
पीड़ित महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि घुरपुरा मोहल्ला के रहने वाले मीना चौधरी, ददू चौधरी और राजू चौधरी ने उन्हें अपने झांसे में लिया था। इन आरोपियों ने महिलाओं के सामने यह दुखड़ा रोया कि उनके परिवार का एक सदस्य गंभीर रूप से बीमार है और उसके इलाज के लिए तत्काल मोटी रकम की बेहद जरूरत है। इस मानवीय संवेदना और संकट की घड़ी को देखते हुए महिलाओं ने उन पर भरोसा कर लिया। इसके बाद इन तीनों शातिर व्यक्तियों ने महिलाओं को विशेष सरकारी ऑफर और मदद का लालच देकर विभिन्न वित्तीय समूहों के माध्यम से बैंक से लोन स्वीकृत करवा लिया। जैसे ही लोन की राशि महिलाओं के बैंक खातों में आई, आरोपियों ने इलाज का हवाला देकर पूरी रकम अपने पास ट्रांसफर करवा ली और महिलाओं को भरोसा दिया कि वे जल्द ही पैसे लौटा देंगे। महिलाओं के अनुसार, इस चालाकी से आरोपियों ने करीब 30 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।
अब स्थिति यह है कि लोन देने वाली वित्तीय संस्थाएं और बैंक महिलाओं पर हर महीने किस्तों के भुगतान के लिए भारी दबाव बना रहे हैं। ठगी की शिकार बेबस महिलाओं का कहना है कि पूरी रकम आरोपियों ने हड़प ली है और अब उनके पास बैंक की किस्तें भरने के लिए फूटी कौड़ी भी नहीं है। इस आर्थिक तंगी और बैंक अधिकारियों के रोज-रोज के दबाव से परेशान होकर आखिरकार महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने सड़क पर उतरने का फैसला किया। घंटाघर पर प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने आरोपियों के खिलाफ नामजद नारे लगाते हुए मांग की है कि मैहर पुलिस तत्काल धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करे। पीड़ितों ने पुलिस को एक लिखित शिकायती पत्र भी सौंपा है, जिसमें पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर डूबी हुई रकम वापस दिलाने और दोषियों को तत्काल जेल भेजने की गुहार लगाई गई है।

