भिंड। भिंड जिले के मौ थाना क्षेत्र अंतर्गत घूमरी गांव में गत 20 जुलाई को हुई 45 वर्षीय अतर सिंह जाटव की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस वारदात को किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतक के सगे छोटे भाई और दामाद ने मिलकर अंजाम दिया था। हत्या के पीछे का मुख्य मकसद ससुर के नाम पर खरीदी गई सेकेंड हैंड कार की हर महीने आने वाली 9 हजार रुपये की किस्त (EMI) से छुटकारा पाना था। पुलिस ने डिजिटल एविडेंस और कड़ाई से पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
लोन और इंश्योरेंस के चक्कर में रची खौफनाक साजिश
पुलिस की पूछताछ में आरोपी दामाद बबलू जाटव ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी साजिश का खुलासा किया: करीब 8 महीने पहले दामाद बबलू ने अपने ससुर अतर सिंह के नाम पर ढाई लाख रुपये में सेकेंड हैंड कार खरीदी थी, जिसकी ₹9,000 प्रति माह किस्त बबलू को भरनी पड़ रही थी। कार खरीदते समय बबलू को पता चला था कि यदि कार मालिक की मौत हो जाती है, तो बीमा कंपनी से लोन का भुगतान हो जाता है। इसी लोन और किस्त से मुक्ति पाने के लिए उसने अपने चाचा ससुर (मृतक के छोटे भाई) विजय सिंह के साथ मिलकर ससुर की हत्या का प्लान बनाया।
शराब पिलाई, मुंह में जहर डाला और फिर घोंटा गला
आरोपियों ने अतर सिंह की हत्या के लिए बेहद सुनियोजित तरीका अपनाया: दोनों आरोपी अतर सिंह को ग्वालियर से कार में लेकर आए और रास्ते में उसे अत्यधिक शराब पिला दी, जिससे वह बेसुध हो गया। गांव पहुंचने पर दामाद बबलू ने अतर सिंह का मुंह खोला और छोटे भाई विजय सिंह ने मुंह में जहर की गोली डालकर पानी पिला दिया। इसके बाद आरोपियों ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
24 घंटे डिग्गी में शव लेकर घूमते रहे, दंदरौआ धाम में किए दर्शन
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कार की डिग्गी में छिपा दिया। रास्ते में आवाजाही अधिक होने के कारण वे रात में शव को ठिकाने नहीं लगा सके। इसके बाद दोनों आरोपी शव को डिग्गी में रखकर ही दंदरौआ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने कार पार्क की और मंदिर में दर्शन किए। दिनभर शव कार में ही पड़ा रहा। देर रात मौका देखकर उन्होंने शव को एक पुलिया के नीचे फेंक दिया। अगले दिन सुबह दामाद बबलू ने ही पुलिस को सूचना दी ताकि उस पर कोई शक न करे।
मोबाइल लोकेशन और सर्विलांस से खुला राज
22 जुलाई की सुबह पुलिया के नीचे शव मिलने के बाद शुरुआती जांच में गला दबाकर हत्या की आशंका थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जहर निकला। इसके बाद पुलिस का संदेह गहरा गया। पुलिस ने जब परिजनों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लिए, तो मृतक के छोटे भाई विजय सिंह और दामाद बबलू की लोकेशन लगातार एक साथ बदलती पाई गई। दोनों की लोकेशन शव बरामदगी वाले स्थान पर भी दर्ज हुई थी। इसके अलावा गांव में भाइयों के बीच लंबे समय से चल रहे मनमुटाव की जानकारी भी पुलिस को मिली। सर्विलांस और डिजिटल सबूतों के आधार पर जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो दामाद ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।




