भोपाल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आलोचना करने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे, उनके पुत्र प्रियांक खड़गे, कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी सभी आरएसएस के विरोधी रहे हैं। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि संघ के लगातार विरोध के कारण कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति कमजोर होती गई और जो पार्टी कभी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति मानी जाती थी, वह आज सिमटती जा रही है। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जो कभी एक छोटा संगठन था, आज एक विशाल वटवृक्ष के रूप में पूरे देश में सेवा कार्य कर रहा है। देश की जनता यह अच्छी तरह जानती है कि संकट की घड़ी में आरएसएस के स्वयंसेवक अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सहायता के लिए आगे आते हैं।
उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक भविष्य में भी समाज और राष्ट्र सेवा करते रहेंगे, जबकि विपक्ष संघ के पंजीकरण जैसे मुद्दे उठाता रहेगा। शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में भाजपा कांग्रेस को राजनीतिक रूप से शून्य की स्थिति तक पहुंचा देगी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि भविष्य में कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि अपने संगठन का पंजीकरण बचाए रखना ही रह जाएगा। आरएसएस का वास्तविक पंजीकरण किसी सरकारी दस्तावेज में नहीं, बल्कि देश की जनता के दिलों में हो चुका है।
उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं, विशेषकर एनएसयूआई के छात्रों का परेशान कर रहा है और उन्हें राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करना चाहता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने वर्षों तक सत्ता और संगठन की 'मलाई' खाई है, लेकिन जब जवाबदेही की बात आती है तो वे पीछे हट जाते हैं। इसके विपरीत, कॉलेजों में पढ़ने वाले एनएसयूआई के छात्रों पर कार्रवाई करने और उन्हें नोटिस देने की बात की जा रही है।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा छात्रों को उकसाया जाता है कि वे पुलिस पर पत्थर फेंकें और मुख्यमंत्री मोहन यादव के पुतले जलाएं। एनएसयूआई के छात्रों ने कांग्रेस नेताओं के ऐसे निर्देशों को अस्वीकार कर दिया और उन्हें फाड़कर फेंक दिया। छात्रों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान देना चाहते हैं और प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहे शासन को सकारात्मक दृष्टि से देखते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब उन्हीं छात्रों को नोटिस देने की बात कर रही है, जिन्होंने हिंसक और विवादास्पद गतिविधियों में शामिल होने से इनकार कर दिया।

