मुंबई। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया मंगलवार को यहां एक इन्वेस्टर्स मीट और रोड शो आयोजित करेंगे। इसका मकसद भारत के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजी) के लिए ज्यादा से ज्यादा इंडस्ट्री की भागीदारी और निवेश जुटाना है। इस जोन को पिछले हफ्ते मध्य प्रदेश के ग्वालियर में लॉन्च किया गया था।

बयान में कहा गया है कि भारत के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में निवेश के 10,000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार करने की उम्मीद है।

टीएमजी के लॉन्च के बाद राष्ट्रीय राजधानी में पहली इन्वेस्टर्स राउंडटेबल बैठक हुई थी। सिंधिया ने घोषणा की कि 3,500 करोड़ रुपए के निवेश का वादा मिला है, जिससे लगभग 14,000 रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। यह भारत के बढ़ते टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में इंडस्ट्री के मजबूत भरोसे को दिखाता है।

मुंबई इन्वेस्टर्स मीट और रोड शो इस राष्ट्रीय पहल का अगला चरण है, जिसका मकसद भारत के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए ज्यादा से ज्यादा इंडस्ट्री की भागीदारी और निवेश जुटाना है। यह कार्यक्रम देश में वर्ल्ड-क्लास टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास को तेजी देने के लिए प्रमुख टेलीकॉम मैन्युफैक्चरर्स, टेक्नोलॉजी कंपनियों, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स और इन्वेस्टर्स को एक साथ लाएगा।

इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, टेलीकॉम विभाग के सचिव अमित अग्रवाल और मध्य प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई मौजूद रहेंगे।

बयान में कहा गया है कि भारत का पहला टीएमजी बनाना टेलीकॉम सेक्टर में 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम है। मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च और डेवलपमेंट, डिजाइन, टेस्टिंग और इनोवेशन के लिए एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम बनाकर, इसका मकसद घरेलू वैल्यू चेन को मजबूत करना, इंपोर्ट पर निर्भरता कम करना, स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, एक्सपोर्ट बढ़ाना और भारत को टेलीकॉम प्रोडक्ट्स और अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी के लिए एक भरोसेमंद ग्लोबल हब के तौर पर स्थापित करना है।

शुरुआती इन्वेस्टर्स राउंडटेबल में इंडस्ट्री से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स ने इस पहल की बड़ी संभावनाओं को उजागर किया। प्रमुख कंपनियों और टेलीकॉम इंडस्ट्री के कई दिग्गजों ने इस प्रोजेक्ट में बड़े निवेश का वादा किया, जिससे भारत के पॉलिसी फ्रेमवर्क और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में उनका भरोसा और मजबूत हुआ।

मुंबई इन्वेस्टर्स मीट से इंडस्ट्री की पार्टनरशिप और गहरी होने और नया निवेश आने की उम्मीद है। इससे ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिटिव टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने और भारत को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन के लिए एक प्रमुख ग्लोबल डेस्टिनेशन में बदलने के सरकार के संकल्प को और बल मिलेगा।

--आईएएनए

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