ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में वित्तीय धोखाधड़ी और कूटचरित (फर्जी) दस्तावेजों के चक्रव्यूह में फंसे एक युवक जसपाल सिंह यादव ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। शनिवार से लापता जसपाल का शव रविवार देर रात झांसी रोड रेलवे लाइन पर मिला, जिसकी पहचान सोमवार सुबह परिजनों ने की। मृतक ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को संबोधित करते हुए 5 पन्नों का एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट छोड़ा है। सुसाइड नोट में उसने तीन लोगों पर 23 लाख रुपये ऐंठने और ब्याज के भारी कर्ज में डुबाने का गंभीर आरोप लगाया है।
सिंधिया के नाम खत: "जब आप यह पत्र पढ़ेंगे, मैं जा चुका होऊंगा"
मृतक जसपाल सिंह यादव खुद को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थक बताता था। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा: सिंधिया जी, जब आप यह पत्र पढ़ेंगे तो मैं यह दुनिया छोड़कर जा चुका होऊंगा... मैं जीना चाहता था, लेकिन मेरी जिंदगी रवि कुमार ने बर्बाद कर दी। मेरी विनती है कि मेरे रुपये मेरे पिताजी को वापस दिलवाए जाएं और आरोपियों को आजीवन कारावास हो, ताकि कोई और परिवार अपना बच्चा न खोए।
3.45 करोड़ के लोन का झांसा देकर ऐंठे 23 लाख रुपये
सुसाइड नोट में जसपाल ने अपने साथ हुए पूरे फर्जीवाड़े का ब्योरा दिया है:
आरोपियों ने जसपाल को झांसे में लिया कि उसकी 1.5 करोड़ रुपये की जमीन पर 'पिरामल बैंक' से 3 करोड़ 45 लाख रुपये का लोन स्वीकृत हो गया है। उन्होंने कथित सैंक्शन लेटर दिखाकर उसका भरोसा जीता। लोन पास कराने के नाम पर आरोपियों ने उससे 23 लाख रुपये ऐंठ लिए। फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक आरोपी उसे लगातार टहलाते रहे और फिर पैसे लेकर फरार हो गए। पैसे जुटाने के लिए जसपाल ने अपनी बुलेट, कार, सफारी और सोना गिरवी रख दिया। 20% की ऊंची ब्याज दर के कारण 23 लाख रुपये का यह कर्ज बढ़कर 35 लाख रुपये हो गया, जिसे चुकाने में वह पूरी तरह टूट गया।
सुसाइड नोट में दर्ज नाम और पनाह देने वालों का खुलासा
जसपाल ने सुसाइड नोट में मुख्य आरोपियों और उन्हें शरण देने वालों के नाम व मोबाइल नंबर तक दर्ज किए हैं:
रवि कुमार (निवासी टेकनपुर), रवि जाटव (निवासी डबरा) और आशीष गुप्ता। जसपाल ने लिखा कि मुख्य आरोपी रवि कुमार भागकर कुलैथपुरा और गोहद के कुथवा गुर्जर गांव में अपने जीजाओं (जिसमें से एक सरपंच बताया गया है) के घर छिपा हुआ था। वहां पंचायत में रुपये लौटाने का झूठा आश्वासन देकर उसे फिर धोखा दिया गया। खत में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों ने इलाके के अन्य लोगों, जैसे लल्ला बलराम (जिससे 9.80 लाख रुपये ऐंठे गए), के साथ भी धोखाधड़ी की है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। हस्तलिखित सुसाइड नोट को पुलिस ने जांच में शामिल कर लिया है। खत में दर्ज मोबाइल नंबरों, पतों और नामजद आरोपियों के आधार पर पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच और आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है।




