भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त कर संचालित हो रहे निजी हाईस्कूलों और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों (हायर सेकेंडरी स्कूलों) पर कसने के लिए सरकार ने नई गाइडलाइन तय कर दी है। यदि कोई भी निजी विद्यालय सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों और मानकों का पालन नहीं करता है, तो कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ-साथ उसकी मान्यता निरस्त करने और 2 लाख रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाने की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा नए सत्र से मान्यता या नवीनीकरण के लिए स्कूलों को छात्र संख्या के आधार पर 'सिक्योरिटी डिपॉजिट' (सुरक्षा निधि) भी जमा करनी होगी। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस नई नीति के तहत निजी विद्यालयों की स्थापना, मान्यता, नवीनीकरण, मान्यता विस्तार, संकाय (स्ट्रीम) वृद्धि, माध्यम परिवर्तन, स्थान परिवर्तन और नाम परिवर्तन से जुड़े सभी नियमों को बेहद सख्त बना दिया गया है।


आईसीटी, लैब और इंफ्रास्ट्रक्चर के मानक अनिवार्य

नई गाइडलाइन के अनुसार अब केवल कागजों पर चलने वाले या अधूरे संसाधनों वाले निजी स्कूलों पर शिकंजा कसेगा। विद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी, पर्याप्त एवं योग्य शिक्षक व्यवस्था, आईसीटी (इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी), प्रयोगशाला, समृद्ध पुस्तकालय और सुरक्षा निधि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) जैसे प्रावधानों को अनिवार्य कर दिया गया है।


राज्य स्तर पर गठित होगी 'राज्य मान्यता समिति'

नई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए राज्य स्तर पर एक 'राज्य मान्यता समिति' का गठन किया जाएगा। कम से कम 3 सदस्यों वाली यह उच्चस्तरीय समिति निजी स्कूलों की मान्यता, नवीनीकरण, विस्तार और बदलाव से जुड़े सभी मामलों के लिए नीतिगत निर्णय लेगी। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव या सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आयुक्त तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे।


30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन; 45 दिनों में होगा निर्णय

  • ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: मान्यता अथवा नवीनीकरण के लिए संस्थाओं को तय दस्तावेजों के साथ निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
  • अंतिम तिथि: हर वर्ष 30 सितंबर तक प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों पर ही उसी शैक्षणिक सत्र के लिए विचार किया जाएगा। इसके बाद मिलने वाले आवेदन अगले सत्र के लिए मान्य होंगे।
  • समय-सीमा: आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी 45 दिनों के भीतर अंतिम निर्णय लेंगे। आवेदन में कमी होने पर 15 दिनों के भीतर संस्था को सुधार की सूचना दी जाएगी।
  • बिना मान्यता नई शाखा नहीं: बिना नई मान्यता प्राप्त किए कोई भी निजी स्कूल अपनी नई शाखा (ब्रांच) संचालित नहीं कर सकेगा।


मान्यता रद्द करने और जुर्माने के सख्त प्रावधान

मानकों का उल्लंघन करने पर पहले स्कूल को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर सुधार का मौका दिया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर 1 लाख से 2 लाख तक का जुर्माना ठोका जाएगा। गंभीर मामलों में राज्य मान्यता समिति की मंजूरी से स्कूल की मान्यता सीधे समाप्त कर दी जाएगी।


अपील का अधिकार और शुल्क

यदि किसी संस्था का आवेदन खारिज होता है या मान्यता निरस्त की जाती है, तो उसे अपील करने का अधिकार दिया गया है:

  • पहली अपील: 30 दिनों के भीतर लोक शिक्षण आयुक्त के समक्ष की जा सकेगी।
  • दूसरी अपील: आयुक्त के फैसले के खिलाफ राज्य मान्यता समिति के समक्ष दूसरी अपील का प्रावधान है।
  • अपील शुल्क: प्रत्येक अपील याचिका के साथ ₹5,000 का शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा।