टीकमगढ़। दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और बयानों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की बहू और टीकमगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता राहुल सिंह की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उमिता सिंह ने अपनी पोस्ट के जरिए सीधे तौर पर दतिया उपचुनाव के नतीजों और प्रशासनिक कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है।


Umita Singh Post



अधिकारियों का अहंकार हार की वजह

उमिता सिंह ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, जब कार्यकर्ता की जगह अधिकारी ये बोलने लगे कि हमारी पहुंच ऊपर तक है, तब-तब परिणाम विपरीत ही आयेंगे। उनकी इस पोस्ट को दतिया उपचुनाव में भाजपा को मिली हार और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमिता सिंह ने अपनी पोस्ट के जरिए यह साफ संदेश दिया है कि चुनावों में ज़मीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर जब अधिकारियों और उनके प्रभाव पर अति-विश्वास किया जाता है, तो जनता और कैडर का भरोसा टूटता है और नतीजे प्रतिकूल आते हैं।


पार्टी के भीतर मचे घमासान को मिली हवा

दतिया उपचुनाव के परिणाम आने के बाद से ही भाजपा के भीतर भितरघात और स्थानीय स्तर पर असंतोष की बातें खुलकर सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां पराजित भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने 'भीतरघातियों' पर निशाना साधा था, वहीं दूसरी तरफ उमिता राहुल सिंह की इस पोस्ट ने कार्यकर्ताओं के दर्द और प्रशासनिक रवैये को उजागर कर दिया है। उमिता सिंह की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भाजपा आलाकमान दतिया में मिली हार की विस्तृत समीक्षा करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में उनकी यह पोस्ट प्रदेश संगठन और सरकार के सामने कार्यकर्ताओं के मनोबल को लेकर भी बड़े सवाल खड़े करती है।