भोपाल, दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली हार के बाद संगठन के भीतर हड़कंप मच गया है। चुनाव परिणामों के कारणों का गहन विश्लेषण करने और हार के लिए जिम्मेदार कारकों का पता लगाने के लिए पार्टी ने दो सदस्यीय समीक्षा समिति का गठन किया है। इस समिति में गौरव रणदीवे और अंबाराम कराड़ा को शामिल किया गया है। यह समिति दतिया का दौरा कर स्थानीय कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जमीनी स्थिति की समीक्षा करेगी और अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को सौंपेगी।
भितरघात और गुटबाजी के पुख्ता सबूत; जिला अध्यक्ष और कार्यकारिणी पर गिर सकती है गाज
सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, दतिया उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी की हार की मुख्य वजह अंदरूनी भितरघात और पार्टी विरोधी गतिविधियां सामने आई हैं। जांच में भितरघात करने वाले नेताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ ऑडियो रिकॉर्डिंग समेत कई पुख्ता साक्ष्य मिलने की बात कही जा रही है, जो शिकायतकर्ताओं द्वारा आशुतोष के पास जमा कराए गए हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर दतिया जिला अध्यक्ष सहित पूरी जिला कार्यकारिणी पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। वहीं, कुछ वरिष्ठ और प्रभावकारी नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व यानी दिल्ली पर छोड़ दिया गया है।
पार्षदों पर प्रत्याशी के खिलाफ काम करने का आरोप; संगठन के सामने होंगे बड़े खुलासे
शुरुआती समीक्षा में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, दतिया के 34 में से 32 पार्षदों और बरौनी के 15 में से 9 पार्षदों ने चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ काम किया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों द्वारा किए गए इस भितरघात को लेकर अब सत्ता और संगठन के शीर्ष नेताओं के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। समिति की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर दतिया में भाजपा संगठन में व्यापक फेरबदल और सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।




