भोपाल। भोपाल में आयोजित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में लोकहित और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट में लिए गए प्रमुख निर्णयों की जानकारी मीडिया के साथ साझा की।


कैबिनेट बैठक में लिए गए मुख्य फैसलों का विवरण नीचे दिया गया है:


1. सहकारिता विभाग की 'कवच योजना' को हरी झंडी

सहकारी समितियों से जुड़े किसानों को राहत देने के लिए कैबिनेट ने 'कवच योजना' को मंजूरी दी है: यह योजना उन किसानों के लिए है जिनके ऋण खातों (Loan Accounts) में गड़बड़ियां हुई हैं और जांच में देरी के कारण वे सरकारी योजनाओं तथा नए ऋण का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे डिफाल्टर/प्रभावित किसानों को राहत देकर नया ऋण प्रदान किया जाएगा ताकि वे कृषि की मुख्यधारा में लौट सकें। अपेक्स बैंक (Apex Bank) और जिला सहकारी बैंक अपने स्तर से निधि का निर्माण करेंगे, जिसमें उनका अंशदान ₹50 करोड़ तक होगा। मध्य प्रदेश सरकार इस योजना के लिए ₹25 करोड़ की अंशपूंजी (Equity Capital) सहायता एक बार में उपलब्ध कराएगी। योजना के क्रियान्वयन और संशोधन के निर्देश जारी करने के लिए आयुक्त सहकारिता अधिकृत होंगे।


2. शिक्षा एवं छात्र कल्याण: एआई मिशन और नए सांदीपनि स्कूल

आर्टिफिशिअल इंटेलिजेंस (AI) पर केंद्रित 'मिशन बुनियाद' की शुरुआत प्रदेश के 8 जिलों में की जाएगी। राज्य में 60 नए सांदीपनि स्कूलों की सौगात दी जाएगी। इन स्कूलों के विकास और संचालन के लिए ₹25,000 करोड़ से अधिक का बजट खर्च किया जाएगा।


3. जनजातीय कार्य विभाग: शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान

जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग (सहायक शिक्षक व उच्च श्रेणी शिक्षक) तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग (प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षक) के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। 01 जुलाई 2023 या इसके बाद 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर यह क्रमोन्नत वेतनमान प्रभावी होगा।


4. जन विश्वास अभियान: 7 अगस्त से छिंदवाड़ा से शुरुआत

सरकार की योजनाओं की ग्राउंड रूट मॉनिटरिंग, सर्विस डिलीवरी की समीक्षा और जनता से सीधे संवाद के लिए 'जन विश्वास अभियान' शुरू किया जा रहा है। 7 अगस्त से छिंदवाड़ा जिले से इस अभियान का आगाज होगा। प्रदेश के सभी प्रभारी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में इस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।


5. भोपाल का चौथा रेलवे स्टेशन: 'निशातपुरा' बनकर तैयार

भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के दबाव को कम करने के लिए निशातपुरा रेलवे स्टेशन को भोपाल के चौथे रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है। इस स्टेशन का निर्माण ₹14 करोड़ की लागत से किया गया है।


6. योजनाओं की निरंतरता व अन्य बजटीय स्वीकृतियां

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (IT & Science) विभाग की योजनाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए ₹1,099 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए कई अन्य प्रशासनिक और वित्तीय प्रस्तावों का भी अनुमोदन किया गया।