इंदौर। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पराजय पर वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि भले ही उपचुनाव का महत्व आम चुनाव जितना बड़ा नहीं होता, लेकिन हार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पार्टी इस परिणाम पर गंभीरता से विचार-विमर्श करेगी और हार के कारणों का विश्लेषण करेगी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सोमवार देर रात इंदौर में मीडियाकर्मियों से चर्चा कर रहे थे।
दतिया के नतीजों पर बात करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, उपचुनाव का बहुत ज्यादा महत्व नहीं होता, फिर भी हार, हार होती है और जीत, जीत होती है। हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने भी स्पष्ट किया है कि पार्टी इस परिणाम पर गहराई से चिंतन करेगी। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा चुनाव परिणामों की बिंदुवार समीक्षा करेगी। यह पता लगाया जाएगा कि किन-किन स्थानीय या संगठनात्मक कारणों से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। साथ ही भविष्य में होने वाले आगामी चुनावों में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक और कड़े कदम भी उठाए जाएंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के क्षेत्र के सवाल पर जवाब
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रभाव वाले क्षेत्र की सीट पर आए परिणाम को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर विजयवर्गीय ने बताया कि वे स्वयं वहां पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार के लिए गए थे। उन्होंने सीट के सियासी मिजाज को स्पष्ट करते हुए कहा, वह काफी हद तक व्यक्ति आधारित सीट थी। वह (नरोत्तम मिश्रा) चुनाव नहीं लड़े, इसलिए वहां परिणाम कुछ अलग रहे। व्यक्ति आधारित सीटों पर अमूमन इस तरह की परिस्थितियां बन जाती हैं। विजयवर्गीय ने संकेत दिए कि पार्टी सभी पहलुओं और समीकरणों पर मंथन कर आगामी चुनावों के लिए नई रणनीति तैयार करेगी।




