भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है और पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। इस झमाझम बारिश से जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं कई जिलों से जलभराव और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की तस्वीरें सामने आई हैं। रायसेन में नदी उफान पर आने से आश्रम जलमग्न हो गया, इंदौर में मुख्य सड़क धंस गई, तो पन्ना के जिला अस्पताल में घुटनों तक पानी भर गया।
खजुराहो में सबसे ज्यादा 4.4 इंच बारिश, बंद हुआ खजुराहो-जटकरा मार्ग
पर्यटन नगरी खजुराहो में पिछले 24 घंटों के दौरान रिकॉर्ड 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक है। लगातार हो रही इस भारी वर्षा के कारण स्थानीय खूडर नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर खजुराहो-जटकरा मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर उफनती नदी को पार करते हुए दिखाई दिए। वहीं, खजुराहो के प्रवेश द्वार बमीठा (नेशनल हाईवे-39) पर करीब 3 फीट तक पानी भर जाने से हाईवे का यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इंदौर में धंसी सड़क, उफनते नाले के बीच ग्रामीणों ने बनाई मानव शृंखला
सड़क धंसी: इंदौर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित जेतकारण गांव में लगातार बारिश के दबाव के कारण मुख्य सड़क अचानक धंस गई, जिससे आवागमन ठप हो गया है।
बच्चों का रेस्क्यू: जेतकारण गांव के पास ही एक उफनते नाले को पार करने के लिए ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर 'मानव शृंखला' (Human Chain) बनाई और स्कूली बच्चों को सुरक्षित नाला पार कराया।
मैरिज गार्डन में भरा पानी: इंदौर के कैट रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में पानी भर जाने का एक अनोखा वीडियो भी सामने आया है। यहाँ शादी समारोह के दौरान दूल्हा-दुल्हन ने पानी के बीच ही रस्में निभाईं। रास्ते में पानी भरा होने के कारण दूल्हे वैभव ने अपनी दुल्हन पूर्वा को गोद में उठाकर विवाह हॉल तक पहुंचाया। इस दौरान गार्डन में मेहमानों के जूते-चप्पल पानी में तैरते नजर आए।
पन्ना जिला अस्पताल के वार्डों में घुसा पानी, मरीज परेशान
पन्ना जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को लाचार करती तस्वीरें सामने आईं, जहां जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड और डिलीवरी (प्रसूति) वार्ड की गैलरी में घुटनों तक पानी भर गया। अस्पताल के भीतर पानी भर जाने से भर्ती मरीजों, नवजातों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल स्टाफ और प्रबंधन पानी निकालने के प्रयासों में जुटा रहा।
रायसेन के बापौली धाम आश्रम में बाढ़, 60 छात्र सुरक्षित निकाले गए
रायसेन जिले के बरेली के पास स्थित प्रसिद्ध बापौली धाम आश्रम सोमवार रात को हुई करीब एक घंटे की भीषण बारिश के बाद पूरी तरह से जलमग्न हो गया। आश्रम परिसर में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने के बाद वहां संचालित संस्कृत पाठशाला में मौजूद करीब 60 छात्रों को वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की मदद से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। बाढ़ का पानी आश्रम के शिव मंदिर, गुरुदेव की कुटी और गोशाला के भीतर तक प्रवेश कर गया है, जिससे भारी नुकसान की आशंका है।




