पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को कहा कि राज्य के दूध, तरकारी और मछली को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने तथा उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित कॉम्फेड में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने 5,832 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के माध्यम से 1,06,063 दुग्ध उत्पादक किसानों के बैंक खातों में 68.51 करोड़ रुपये की राशि का प्रत्यक्ष अंतरण किया। यह भुगतान 1.46 करोड़ लीटर से अधिक दूध की आपूर्ति के एवज में किया गया है। उन्होंने नव-निर्मित कॉल सेंटर 'सुधा संपर्क' का भी उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादकों को बिचौलियों से मुक्त कर पारदर्शी तरीके से सीधे बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण पहल है। किसानों को यूनिक फार्मर आईडी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे दूध की गुणवत्ता, फैट और एसएनएफ की मात्रा तथा भुगतान की डिजिटल निगरानी संभव होगी। उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान बन चुका सुधा ब्रांड अब राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित करेगा। असम के तेजपुर में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता की इकाई शुरू हो चुकी है। असम में 50 हजार लीटर और कोलकाता में 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता की इकाई स्थापित करने की योजना है।

उन्होंने बताया कि राज्य के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति गठित करने का लक्ष्य है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में लगभग 23.90 लाख किलोग्राम दूध का प्रतिदिन संग्रहण हो रहा है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 4,804 नई समितियों का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने पटना के जैविक उद्यान में सुधा कैफेटेरिया एवं तरकारी दुकान तथा मीठापुर स्थित मीन भवन में फ्रेश कैच कियोस्क और सुधा पार्लर का उद्घाटन किया।

उन्होंने बक्सर से सिलीगुड़ी के लिए फ्रेश कैच वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि राज्य में 100 फ्रेश कैच कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इनके माध्यम से 'फ्रेश कैच (फिश ऑफ बिहार)' ब्रांड के तहत बिहार की ताजी मछलियों को बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एवं पशुपालन बिहार की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। सरकार का संकल्प है कि गांव, किसान, पशुपालक, महिलाएं और युवा बिहार की विकास यात्रा के भागीदार बनें। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जीविका के सहयोग से 31 मार्च 2027 तक राज्य की सभी 8,053 पंचायतों में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही 3,200 सुधा सखी तैयार करने का लक्ष्य है। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।