पन्ना। कार्यालय जिला लोक अभियोजन संचालनालय पन्ना के सहा. मीडिया प्रभारी/सहा-जिला लोक अभियोजन अधिकारी रोहित गुप्‍ता के बताये अनुसार अभियोजन का प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 24.01.2020 को आवेदक ब्रजबिहारी प्रजापति पिता स्व. फागू प्रसाद प्रजापति उम्र 49 साल निवासी ग्राम सिली पोस्ट गुनौर तहसील गुनौर जिला पन्ना म.प्र. ने अभियुक्त रविशंकर शुक्ला नायव तहसीलदार तहसील गुनौर जिला पन्ना म.प्र के विरूद्ध रिश्वत मांगने संबंधी एक शिकायत आवेदन पत्र पुलिस अधीक्षक महोदय लोकायुक्त कार्यालय सागर के समक्ष प्रस्तुत किया कि खेत से ईटा निमार्ण में उपयोग होने बाली रेत को भरकर जा रहा था तभी नायब तहसीलदार रविशंकर शुक्ला तहसील गुनौर अपनी शासकीय गाडी से आये और मेरा टेक्टर पकड़कर ले जाकर थाना गुनौर में खड़ा कर दिया और मुझसे बोले की तुम्हारा टेक्टर अवैध उत्खन्न में जप्त कर दिया है और यदि छुडवाना हो तो 40000 हजार रुपये की व्यवस्था कर के लाओ जो नायव तहसीलदार रविशंकर शुक्ला रिश्वत की माँग कर रहे जो में नायव तहसीलदार रविशंकर शुक्ला को रिश्वत राशि नहीं देना चाहता हूँ बल्कि उसे रंगे हाथो पकडवाना चाहता था। दिनांक 24.01.2020 को फरियादी नायब तहसीलदार रविशंकर शुक्ला से मिला जिसमें रविशंकर शुक्ला ने 35000 हजार रूपये रिश्‍वत की मांग की जिसमें से फरियादी से 10000 हजार रूपये बातचीत के दौरान ले लिये और शेष 25000 हजार रूपये की मांग की गयीं। दिनांक 25.01.2020 को नायब तहसीलदार रविशंकर शुक्ला के गुनौर स्थित शासकीय आवास पर फरियादी द्वारा नायब तहसीलदार को 25000 हजार रूपये निकाल कर दिये गये तो उसने पास खड़े चैकीदार देवीदयाल दहायत को देने को कहां था। तत्पश्चात् लोकायुक्त की टीम द्वारा नायब तहसीलदार एवं देवीदयाल से पूछताछ कर उसके पास से नोट जप्त किये गये। फरियादी द्वारा प्रेषित आवेदन पत्रो एवं ट्रांसस्क्रिप्ट से अभियुक्त रविशंकर शुक्ला नायव तहसीलदार तहसील गुनौर जिला पन्ना म.प्र द्वारा अपने पदीय दायित्व का निर्वाहन न कर वैध परिश्रमिक से भिन्न अवैध पारितोषण प्राप्त करने के लिये प्रथम दृष्टया सहमत होकर रिश्वत मांग करना पाये जाने से अभियुक्त रविशंकर शुक्ला नायव तहसीलदार तहसील गुनौर जिला पन्ना एवं देवीदयाल दहायत के विरूद्ध धारा 7 पीसी एक्ट संशोधित अधिनियम 2018 का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया सम्पूर्ण अनुसंधान उपरांत अभियुक्तगण के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।


माननीय न्यायालय श्रीमान सुरेन्द्र मेश्राम, विशेष न्यायाधीश(भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पन्ना, के न्यायालय मे शासन की ओर से पैरवी करते हुए श्री मानवेन्द्र सिंह, सहा. जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा दौरान विचारण अभियोजन के साक्ष्य को क्रमबद्ध तरीके से लिपिबद्ध कराकर न्यायालय के समक्ष आरोपीगण के विरूद्ध आरोप को संदेह से परे प्रमाणित किया तथा आरोपी का कृत्य गंभीरतम होने के कारण उन्हे कठोर से कठोरतम सजा दिये जाने का अनुरोध किया। अभिलेख पर आई साक्ष्य और अभियोजन के तर्को एवं न्यायिक दृष्टांतो से संतुष्ट होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपीगण- रविशंकर शुक्ला को क्रमशः धारा- 7 एवं 13(1)बी सहपठित धारा 13(2) भ्रष्टचार निवारण अधिनियम के आरोप में क्रमशः 03 वर्ष , 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10000/-रूपये, 15000/-रूपये के अर्थदण्ड एवं देवीदयाल दहायत को क्रमशः धारा 13(1)बी सहपठित धारा 13(2) एवं धारा 12 भ्रष्टचार निवारण अधिनियम में 05 वर्ष, 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 15000/-रूपये, 10000/-रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।