श्योपुर, उत्तम सिंह। कृषि प्रधान श्योपुर जिले में उत्पादित चावल को अब विदेशी बाजार तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास तेज किए जाएंगे। कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने सोईकला स्थित राइस मिल का निरीक्षण करते हुए उद्योग विभाग के अधिकारियों को फूड आधारित इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने और जिले के चावल उत्पादन को एक्सपोर्ट से जोड़ने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में धान और गेहूं का प्रचुर उत्पादन होता है, इसलिए इनसे संबंधित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्यमियों को फूड प्रोसेसिंग उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। जिले में वर्तमान में तीन राइस मिल संचालित हैं, जबकि तीन अन्य निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि एमएसएमई नीति के तहत पात्र फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को शासन के नियमानुसार 60 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जा सकती है। वहीं एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग से जुड़ने पर उद्यमियों को नीति के तहत 2 से 3 प्रतिशत अतिरिक्त वार्षिक सहायता राशि का लाभ भी मिल सकता है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने धान से चावल तैयार करने, उसकी ग्रेडिंग और धान के छिलके के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया देखी। राधारमण राइस मिल के एमडी ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि सीजन में मिल की प्रोसेसिंग क्षमता करीब 12 टन प्रति घंटा है। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह प्लांट पूरी तरह ऑटोमैटिक है और सेंसर आधारित तकनीक से संचालित होता है।
उन्होंने बताया कि मिल में तैयार चावल फिलहाल थोक में दिल्ली और गांधीधाम पोर्ट भेजा जा रहा है तथा अब इसके एक्सपोर्ट की तैयारियां भी की जा रही हैं। मिल से करीब 140 लोगों को रोजगार मिला है। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए यहां 500 किलोवॉट क्षमता का सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है।
कलेक्टर ने ग्राम नागदा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवंटित भूमि का भी निरीक्षण किया। यहां उद्योगों के लिए 10 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है और इसकी डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने भूमि विकास की प्रक्रिया पूरी कर लघु एवं मध्यम उद्योगों को भूमि आवंटित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




