छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर शहर में गुरुवार की रात एक सड़क दुर्घटना के बाद उपजे मामूली विवाद ने सनसनीखेज संघर्ष का रूप ले लिया और हालात ऐसे बने कि पूरी रात छतरपुर शहर का यह इलाका छावनी बना रहा। बताया गया है कि छतरपुर के महोबा रोड पर दो वाहनों के बीच टक्कर हो गई थी, जिसके बाद एक पक्ष के लोगों ने न सिर्फ घायल परिवार और उनकी मासूम बच्ची के साथ मारपीट की बल्कि मौके पर बीच-बचाव कर रहे लोगों और पुलिस पर भी हमला बोल दिया। जैसे ही यह जानकारी छतरपुर के हिंदू संगठनों को लगी, वैसे ही बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और आम लोग घटना स्थल पर जमा हो गए जिससे स्थिति बेहद तनाव पूर्ण हो गई।
तो आज की इस खास रिपोर्ट में हम आपको बताऐंगे कि कैसे एक मामूली दुर्घटना ने पूरे शहर को आक्रोशित कर दिया और अब छतरपुर पुलिस इस मामले को किस तरह से संभाल रही है।
विवाद की जड़ क्या है...?
तो इस पूरे मामले की शुरुआत हुई रात करीब साढ़े 8 बजे छतरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में महोबा रोड पर गुरुद्वारे के सामने से। सूत्रों से जानकारी मिली है कि मूल रूप से महोबा उत्तर प्रदेश के रहने वाले और वर्तमान में छतरपुर के सौंरा रोड निवासी 25 वर्षीय योगेंद्र कुमार श्रीवास एड सर्विस प्रोवाइडर का काम करते हैं। गुरुवार की रात करीब 8:30 बजे वे अपनी पत्नी कोमल और करीब 2 साल की बेटी अनवी के साथ ललोनी तिराहे से अपने प्लॉट का काम करवाकर ओला स्कूटर क्रमांक UP 95 AB 1063 से घर लौट रहे थे। जब वह महोबा रोड पर गुरुद्वारे के पास पहुँचे, तभी सामने से आ रही पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक MP 16 MS 2968 के चालक जुल्फी खान ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनके स्कूटर में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे पूरा परिवार सड़क पर गिर गया।
विवाद उग्र कैसे हुआ...?
दुर्घटना के बाद जुल्फी खान ने तुरंत फोन कर अपने साथी छोटू मौत और साहिल खान को मौके पर बुलाया, जो हथियारों से लैसे होकर मौके पर आ गए और सीधे घायल श्रीवास परिवार को गालियां देने लगे। जब योगेंद्र ने इसका विरोध किया, तो विवाद और बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने एक बार फिर फोन घुमाया और टौरिया मोहल्ला के अपने कुछ और साथियों को हथियारों के साथ मौके पर बुला लिया। इस फोन कॉल के बाद ब्रेजा कार क्रमांक UP 16 BP 5877 से नीसू खान, छोटू उर्फ कॉलर दादा, भूरा खान सहित 1-2 अज्ञात लोग हाथों में लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और धारदार फरसा लिए मौके पर आ गए। योगेन्द्र के मुताबिक सभी आरोपियों ने सीधे तौर पर जान से मारने की नीयत से उन पर हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जब उनकी पत्नी कोमल उन्हें बचाने के लिए बीच में आईं, तो आरोपियों ने उसे भी बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं परिवार के साथ मौजूद मासूम बच्ची अनवी को भी आरोपियों ने उठाकर सड़क पर फेंक दिया। कुछ लोग जो बीच-बचाव कर रहे थे आरोपियों ने उन पर भी हमला किया। आरोपी इतने बेखौफ थे कि जब दो पुलिसवाले मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें भी घेर लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने जब यह बर्बरता देखी तो किसी ने मामले की जानकारी हिंदू संगठनों को दे दी जिससे इस विवाद ने तूल पकड़ लिया। कुछ ही मिनटों में हिंदू संगठनों के दर्जनों पदाधिकारी सैकड़ों लोग टौरिया मोहल्ले में घुस गए जिससे स्थिति तनाव पूर्ण हो गई। बताया गया है कि रात को 10 बजे से लेकर 12 बजे तक करीब दो घंटे तक सैकड़ों लोग टौरिया मोहल्ले में जमा रहे जहां जमकर हंगामा चला। इसी बीच शहर के तीनों थानों का पुलिस बल भी मौके पर पहुंचकर गया। एक ओर से जहां हिंदू संगठनों के लोग नारेबाजी करने में लगे थे, तो वहीं दूसरी ओर दूसरे समुदाय के लोग और आरोपियों के परिजन खुद को निर्दोष बताकर अपने आपको पीड़ित बता रहे थे। करीब 3 घंटे तक पूरे इलाके में तनाव चरम पर रहा और सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल इलाके में तैनात कर दिया। इसी बीच पुलिस ने कुछ आरोपियों को उनके घरों में घुसकर हिरासत में भी लिया। रात करीब 12 बजे एसपी रजत सकलेचा, एएसपी आदित्य पटले और सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने इलाके का दौरा किया, हालांकि तब तक स्थिति काबू में आ चुकी थी।
पुलिस ने दर्ज की 3 एफआईआर...!
पुलिस सूत्रों से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक कोतवाली थाना में इस मामले को लेकर तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर योगेंद्र कुमार श्रीवास द्वारा दर्ज कराई गई जिसमें पुलिस ने 6 नामजद जुल्फी खान, छोटू मौत, साहिल खान, नीसू खान, छोटू खान उर्फ कॉलर दादा, भूरा खान सहित 2 अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत लापरवाही से वाहन चलाने की धारा 281, सुरक्षा खतरे में डालनाे की धारा 125, सार्वजनिक गाली-गलौज करने की धारा 296 बी, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने की धारा 115/2, जान से मारने का प्रयास करने की धारा 109/1, 3/5 और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
इसी मामले में दूसरी एफआईआर 13 नामजद सहित अन्य आरोपियों पर शासकीय कार्य में बाधा और पुलिसकर्मियों पर हमले के लिए की गई है, जो कि कोतवाली थाना में पदस्थ आरक्षक नरेश सिंह परिहार और आरक्षक संदीप वर्मा ने दर्ज कराई है। आरक्षक नरेश सिंह परिहार और आरक्षक संदीप वर्मा के मुताबिक रात को वह ड्यूटी पर थे, इसी दौरान थाना प्रभारी ने फोन पर गुरुद्वारा के पास एक्सीडेंट और विवाद की सूचना देकर उन्हें मौके पर भेजा। जब दोनों आरक्षक मौके पर पहुँचे, तो काफी भीड़ एकत्रित थी और कुछ लोग घायल अवस्था में थे। घायल युवक योगेन्द्र श्रीवास और उमाशंकर पटेल ने पुलिस को बताया कि जुल्फी खान, छोटू मौत, साहिल खान, नीसू खान, छोटू उर्फ कलर दादा, भूरा खान और कुछ अज्ञात लोगों ने जान से मारने की नीयत से उनके साथ मारपीट की है और वे सभी टौरिया मोहल्ला की तरफ भागे हैं। घायलों की जानकारी के आधार पर दोनों आरक्षक आरोपियों की तलाश में टौरिया मोहल्ला स्थित निसार के घर पहुँचे और वहाँ उसके परिजनों से पूछताछ की। इसी दौरान मौके पर मौजूद मोहल्ले के लोग उग्र हो गए और दोनों आरक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए झूमा-झटकी, धक्का-मुक्की करने लगे। इस धक्का-मुक्की में आरक्षक नरेश सिंह परिहार की नेम प्लेट व वर्दी के बटन टूट गए, जबकि आरक्षक संदीप वर्मा की नेम प्लेट टूटी और दोनों घायल हो गए। घटना की सूचना तुरंत थाने में दी गई, जिसके बाद मौके पर आरक्षक मानवेन्द्र, भूपेन्द्र, देशराज और योगेन्द्र पहुँचे। उन्होंने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला और घायल आरक्षकों को सुरक्षित निकाला। आरक्षक नरेश सिंह परिहार की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना में कुल 13 नामजद हुसैन खान, निसार खान, साहिब खान, निज्जू उर्फ निजाम खान, रहीशा बेगम, आमिया खान, शवाना खान, नैन्सी खान, अजमत खान, कासिम खान, अरमान खान, यूनिस खान और सोनू खान के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मारपीट और गंभीर शारीरिक चोट पहुंचाने की धारा 121, ऑन-ड्यूटी सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने की धारा 132 और सामूहिक रूप से अपराध को अंजाम देने की धारा 3/5 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।
तीसरी एफआईआर घटना का कवरेज कर रहे पत्रकारों ने दर्ज कराई है, जिनके ऊपर भी आरोपियों ने हमला किया था। शिकायतकर्ता उमाशंकर पटेल ने बताया कि रात करीब 8:30 बजे वे अपने पत्रकार साथी अनिल अहिरवार, बलवीर अहिरवार और जयप्रकाश श्रीवास के साथ डाकखाना चौकी के पास मौजूद थे। इसी दौरान जयप्रकाश के पास उनके बहनोई योगेन्द्र श्रीवास का फोन आया कि गुरुद्वारा के पास उनका एक्सीडेंट हो गया है और जुल्फी खान व उसके साथी उनके साथ मारपीट कर रहे हैं। सूचना मिलते ही चारों पत्रकार मौके पर पहुंचे। पत्रकारों ने जब हथियार लेकर खड़े जुल्फी खान, छोटू मौत, साहिल खान, नीसू खान, छोटू उर्फ कलर दादा, भूरा खान से मारपीट का कारण पूछा, तो आरोपी भड़क उठे और जातिसूचक, अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से लाठी, डंडों, फरसे, रॉड और पत्थरों से हमला कर दिया ।अचानक हुए जानलेवा हमले में पत्रकार उमाशंकर पटेल के सिर में चोट आई। जबकि बलवीर अहिरवार और अनिल अहिरवार भी जख्मी हो गए। पत्रकारों की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत गैर-कानूनी रूप से भीड़ इकट्ठा करना, दंगा भड़काना और लाठी, डंडे, फरसे जैसे घातक हथियारों के साथ हमला करने की धारा 190, 191/2 और 191/3, हत्या के प्रयास की धारा धारा 109/1, मारपीट कर चोट पहुंचाने, सार्वजनिक रूप से गालियां देने की धारा 115/2 व 296 बी, सामूहिक रूप से अपराध को अंजाम देने की धारा 3/5, सार्वजनिक स्थान पर सबके सामने जाति के नाम पर अपमानित करने के लिए एससी-एसटी एक्ट की धारा 3/1/द और 3/1/ध, जाति की जानकारी होने के बावजूद जानलेवा हमला करने की धारा 3/2/वी के तहत मामला दर्ज किया है ।
अब आगे क्या...?
वहीं दूसरी ओर इस मामले में हिंदू संगठन भी लगातार सक्रिय बने हुए हैं। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि जिन आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया है वे आदतन अपराधी हैं और उनके मकान भी अवैधानिक तरीके से बने हुए हैं। हिंदू संगठनों ने मांग की है कि पुलिस एफआईआर के साथ-साथ आरोपियों के मकानों की जांच की जाए और उन पर बुल्डोजर चलाकर अपराधियों को सख्त कानून व्यवस्था का संदेश दिया जाए। हिंदू संगठनों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि पुलिस-प्रशासन इस मामले में कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की कोताही बरतेगा तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगे।
छतरपुर की कानून व्यवस्था पर सवाल
इस मामले के बाद से छतरपुर शहर की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से छतरपुर पुलिस का अपराधियों पर अंकुश नहीं है, जिसके चलते जिले में आए दिन कहीं न कहीं हत्या, मारपीट, छीना-झपटी, चोरी, रंगदारी जैसी घटनाएं हो रही हैं। ताजा अपराधों की बात करें तो अभी एक दिन पहले ही जिले के बमीठा क्षेत्र में एक एलएनटी मशीन के ऑपरेटर की हत्या हुई है। इससे पहले छतरपुर शहर के देरी पर एक महिला ने अपने पति की हत्या कर दी थी। जिले के चंदला और लवकुशनगर क्षेत्र में भी हत्या की दाे गंभीर वारदातें अभी कुछ दिन पहले हुई हैं। इसके अलावा मारपीट और रंगदारी की भी दर्जनों घटनाएं पिछले एक महीने में सामने आई हैं, जिससे जिले की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

