छतरपुर। शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत संस्कार वाटिका के पास रहने वाले छात्र अरविंद मिश्रा के घर से अवैध शराब जब्ती के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस पर घर में जबरन शराब रखवाने के आरोपों और सोशल मीडिया पर वायरल सीसीटीवी फुटेज के बाद, अब इस मामले में कथित मुख्य आरोपी शेरू खान और पीड़ित अरविंद मिश्रा के बीच हुई बातचीत का एक सनसनीखेज ऑडियो सामने आया है। इस बातचीत से साफ हो रहा है कि पर्दे के पीछे इस पूरे मामले को रफा-दफा करने और केस को दूसरे के ऊपर पलटने की बड़ी साजिश रची जा रही है।
क्या है पूरा मामला और पुलिस पर क्या थे आरोप?
गौरतलब है कि किराए के मकान में रहने वाले छात्र और निजी कंपनी के कर्मचारी अरविंद मिश्रा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक सीसीटीवी फुटेज जारी किया था। अरविंद का आरोप था कि 18 मई की शाम जब वह घर पर नहीं था, तब कोतवाली थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक अरविंद शर्मा की मौजूदगी में दो युवक स्कूटी से शराब की पेटियां लेकर आए और उसके मकान के अंदर रख दीं। इसके बाद रात में पुलिस ने छापेमारी कर उसके खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर दी। छात्र ने एसपी रजत सकलेचा से गुहार लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी और न्याय न मिलने पर आत्महत्या तक की चेतावनी दी थी, जिसके बाद एसपी ने मामले की जांच एएसपी आदित्य पटले को सौंप दी थी।
वायरल बातचीत: "अपन और सब जने सेफ हो जेहें"
अब इस मामले में जो नई बातचीत सामने आई है, उसने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। वायरल ऑडियो में शराब रखने का आरोपी शेरू खान पीड़ित अरविंद मिश्रा पर दो दिनों तक कोई भी कदम न उठाने और फुटेज सार्वजनिक न करने का दबाव बनाता सुनाई दे रहा है। शेरू खान कहता है, "तुम दो दिना की गम खाओ। अभी हमारी बात भई है एक जने से... कह रहे हम तुम्हारा पूरो मैटर निपटवा दे रहे हैं। बोले बस... के पास फुटेज है तुम्हारी। तुम एक-दो दिना के लाने रोक लो, बोले हम केस हटवा दे हैं और दूसरे के ऊपर केस पलवा दे हैं। अपन और सब जने सेफ हो जेहें (हो जाएंगे)।"
अदालत में सरेंडर करने और पुलिस को फंसाने की तैयारी
जब पीड़ित अरविंद मिश्रा ने चिंता जताई कि उसके नाम पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है, तो शेरू खान ने उसे पूरी तरह सुरक्षित रखने की गारंटी देते हुए खुद अदालत में आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने की बात कही। शेरू ने बातचीत में माना कि माल उसी का था और पुलिस ने कार्रवाई के दौरान संख्या बढ़ा दी। शेरू खान कहता है, "हम तुम्हारे संग खुद चलेंगे। सब में पहले जैसे तुमने हमारी वीडियो निकलवाई, ऐसी पुलिस वालन की वीडियो निकलवाओ। फिर साफ़ देखो, वो आदमी पेटी लेके जा रहा... वो तो हम खुद बोल रहे ना तुम्हारे संग जाके कि हमारी वजह से इनको बिराया गया और हमने माल रखा था, तो एक की जगह 15 पेटी उन्होंने लगायी। हमें, हम कहाँ जा रहे थे थाने? हमें तो देखो जेल जाने ही है, स्वाभाविक है हम नहीं बच रहे उमें।"
"करियर बर्बाद मत करो, मुझे सेटअप संभालने दो"
शेरू खान ने अरविंद से कहा कि वह कोई पेशेवर अपराधी नहीं है, इसलिए वह अपने करियर को बर्बाद न करे। उसने हफ्ता-दस दिन सुरक्षित रहने का दावा करते हुए कहा, "केस लग गओ तो लग गओ, लेकिन ऐसो नोइये (ऐसा नहीं है) जब विवेचना हुई है ना... एसपी के से जब आवेदन देहें ना जाके, जब फुटेज दिखाएँ कि साहब हमारा माल था, ये हमारी वीडियो है, अगले आदमी को क्यों फंसा रहे हो? हमें एक-आध दो दिन को अपनो सेटअप संभालन दो।" बातचीत के अंत में शेरू खान पीड़ित छात्र को किसी भी प्रकार की कार्रवाई या फोन करने से पहले उससे बात करने की हिदायत देता नजर आ रहा है।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
इस नई बातचीत के सामने आने के बाद मामला और ज्यादा पेचीदा हो गया है। एक तरफ जहाँ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे, वहीं अब इस ऑडियो से साफ है कि अवैध शराब के इस कारोबार में शामिल मुख्य किरदार खुद को बचाने और मामले को मैनेज करने के लिए पूरा ताना-बाना बुन रहे थे। इस मामले में छतरपुर सीएसपी अरुण कुमार सोनी का कहना है कि 18 मई की कार्रवाई को लेकर अनावेदक द्वारा कुछ सीसीटीवी फुटेज और आवेदन सौंपे गए हैं, जिनकी विस्तृत जांच एएसपी आदित्य पटले द्वारा की जा रही है। जांच में जो भी ऑडियो, वीडियो और तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस तरह हुई बातचीत...
शेरू खान: जो कह रहे हैं, हम तो सेफ (safe) हैं।
अरविन्द्र मिश्रा: हम कहाँ से सेफ हैं?
शेरू खान: तो हमारी बात सुनो तुम कैसे सेफ हो।
अरविन्द्र मिश्रा: हाँ।
शेरू खान: तुम्हारे पास वीडियो है हमारी?
अरविन्द्र मिश्रा: हाँ।
शेरू खान: ठीक है, तुमने तो तरफ़ दिखा दई कि जी ले के आ रहे, जी ले के जा रहे।
अरविन्द्र मिश्रा: हां
शेरू खान: तो तुम तो सेफ हो भाई साहब, कतई देखो जो ऐसो का भर्रा रहा में, जो कह रहे जी रख रहे, जी उठा रहे।
अरविन्द्र मिश्रा: हम्म।
शेरू खान: तुम दो दिना की गम खाओ। अभी हमारी बात भई है एक जने से।
अरविन्द्र मिश्रा: हम्म।
शेरू खान: कह रहे हम तुम्हारा पूरो मैटर निपटवा दे रहे हैं। बोले बस... के पास फुटेज है तुम्हारी। तुम दो दिना, एक दिना के लाने रोक लो। एक-दो दिना के लाने रोक लो, बोले हम... हम केस हटवा दे हैं और बोले हम दूसरे के ऊपर केस पलवा दे हैं। अपन और सब जने सेफ हो जेहें (हो जाएँगे)।
अरविन्द्र मिश्रा: ऐसो यार भाईजान ऐसो होत का कि FIR कट गई है यार।
शेरू खान: सुनो सुनो, हमारी बात तो सुनो, तुम्हारे ऊपर आंच न आए। हमने जी की गारंटी दे दई कि तुम्हारे ऊपर आंच न आए, हम अदालत में सरेंडर कर दे हैं।
अरविन्द्र मिश्रा: अरे तो भाईजान, जब तुम्हारो नाम-गांव पतो हुई है तब तो तुम सरेंडर करो, जब तक FIR में तो नाम है हमारो।
शेरू खान: बात नहीं तुम समझ रहे। भाई साहब तुम्हारे पास वीडियो है न, हम तुम्हारे संग खुद चलेंगे। जैसे तुम ओते की (वहाँ की) वीडियो निकलवाओ सब में पहले। सब में पहले जैसे तुमने जैसे हमारी वीडियो निकलवाई, ऐसी पुलिस वालन की वीडियो निकलवाओ। फिर साफ़ देखो, वो आदमी पेटी लेके जा रहा और जी देखो कितनी प्राप्त हुई। अब जी पुलिस वाले का कर रहे थे? वो तो हम... हम खुद बोल रहे ना तुम्हारे संग जाके कि हमारी वजह से इनके... इनको बिराया गया और हमने माल रखा था, तो एक की जगह 15 पेटी उन्होंने लगायी। हमें, हम कहाँ जा रहे थे थाने? हमें तो देखो जेल जाने ही है, स्वाभाविक है हम नहीं बच रहे उमें (उसमें)।
अरविन्द्र मिश्रा: हम्म।
शेरू खान: अगर आप इनकी फिल्म बना सको तो बना लो, हम तो सब में तैयार हैं। हम तैयार का, हम तो हैं ही देखो यार। अब तुम्हारे पास फुटेज है सीधी-सीधी, तुम अब हमारे लाने अपनी बलि तो चढ़ा न दइयो, कोई न चढ़ा देत है। और जैसे तुम्हारो... तुम अपराधी किस्म के आदमी होते तो तुम तैयार हो जाते कि चलो भाईजान जो भी कर रहे, कर रहे तुम्हारे लाने। अब तुम कतई अपनो करियर तो बर्बाद करो ना हमारे लाने।
अरविन्द्र मिश्रा: अरे जब अपन यामें (इसमें) संलिप्त ही नहीं हैं, जी कोई अच्छे काम थोड़ी हैं।
शेरू खान: तो हमारो कहवे को मतलब है कि एक-आध दो दिना तुम हमें दो। एक-आध दो दिना नहीं, तुम हफ्ता-दस दिना आराम से सेफ रह सकत। हम तुमसे दो दिना की रिक्वेस्ट कर रहे कि दो दिना बस रुक जाओ तुम। तुम्हें न जेल जाने देहें हम, न तुम्हारे ऊपर केस लगे।
अरविन्द्र मिश्रा: हम्म।
शेरू खान: केस लग गओ तो लग गओ, लेकिन ऐसो नोइये (ऐसा नहीं है) जब विवेचना हुई है ना तो अच्छन-अच्छन को... एसपी के से जब आवेदन देहें ना जाके, जब फुटेज दिखाएँ कि साहब हमारा माल था, ये हमारी वीडियो है, अगले आदमी को क्यों फंसा रहे हो? हमें एक-आध दो दिन को अपनो सेटअप संभालन दो।
अरविन्द्र मिश्रा: हम्म।
शेरू खान: बताओ का कह रहे?
अरविन्द्र मिश्रा: ठीक है जो।
शेरू खान: ठीक है?
अरविन्द्र मिश्रा: हम्म।
शेरू खान: ठीक है सुबह लगाइयो तुम फोन हमें।
शेरू खान: तुम तो फोन... तुम कछु भी करबे से पहले हमें एक बार बात कर लियो।
अरविन्द्र मिश्रा: ठीक है, ठीक है।
शेरू खान: ठीक है? जो कछु... लेकिन अबे (अभी) नहीं करने तुम्हें दो दिना लो कछु। दो दिना तुम्हें हमारी रखनी है और फिर जो कछु करनो हो तो हमें बता के करियो कि अब हम जो कर रहे।
अरविन्द्र मिश्रा: ठीक है, ठीक है।
शेरू खान: ठीक है?
अरविन्द्र मिश्रा: हां
शेरू खान: हां...हां...

