भोपाल, सुबोध त्रिपाठी। मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग (मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल) ने राज्य सेवा परीक्षा 2024 के सफल परिणाम के आधार पर मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के लिए 16 नवचयनित अधिकारियों की नियुक्ति का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। अवर सचिव अन्नू भलावी द्वारा जारी इस आदेश के तहत चयनित अभ्यर्थियों को कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान ₹15,600 - 39,100 + ग्रेड पे ₹5400 (पे मेट्रिक्स लेवल 12) में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर अस्थायी रूप से प्रावधिक आधार पर नियुक्त किया गया है।

राज्य सेवा परीक्षा 2024 की मेरिट सूची में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को इस पद पर अवसर मिला है। मेरिट क्रम 05 पर विवेक कुमार पटेल (शहडोल) ने शीर्ष स्थान बनाया है। उनके साथ प्रियांशु पाण्डेय (पन्ना), वर्षा पटेल (मैहर), शंशाक त्रिपाठी (राजगढ़) और विवेक सिंह (सतना) का चयन उप पुलिस अधीक्षक के पद पर हुआ है।

इसी क्रम में अखिलेश मिनारे (धार), मोना मिश्रा (मण्डला), भरत लाल चौहान (उज्जैन), पूजा तिवारी (रीवा), और स्वराज संवालिया (खरगौन) को भी इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त शुभम वर्मा (दमोह), खुशबू राय (भोपाल), विकेश मछार (झाबुआ), आरती (सिवनी), जयंत परतेती (छिंदवाड़ा) तथा जितेन्द्र बघेल (धार) को राज्य पुलिस सेवा में शामिल किया गया है।

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी नव-नियुक्त अधिकारियों को 25 अगस्त 2026 तक मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर अपना कार्यभार ग्रहण करना होगा। यदि कोई अधिकारी नियत तिथि तक उपस्थित नहीं होता है या प्रशिक्षण में भाग नहीं लेता है, तो उनका नियुक्ति आदेश स्वतः ही निरस्त मान लिया जाएगा।

नियुक्त किए गए सभी परिवीक्षाधीन अधिकारियों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि से गुजरना होगा। इस दौरान उन्हें आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में आयोजित संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। साथ ही, मध्यप्रदेश पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भौंरी (भोपाल) में आयोजित विशेष पुलिस प्रशिक्षण के लिए भी अनिवार्य रूप से कार्यमुक्त किया जाएगा।

अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करते समय शासन के पक्ष में एक बॉन्ड निष्पादित करना होगा। यदि कोई अधिकारी परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण नहीं करता है अथवा प्रशिक्षण के दौरान सेवा छोड़ता है, तो परिवीक्षा अवधि में शासन द्वारा उन पर व्यय की गई संपूर्ण राशि (वेतन, भत्ते, यात्रा व्यय आदि) की वसूली संबंधित अधिकारी से की जाएगी।

नियुक्ति की अन्य शर्तों में स्पष्ट किया गया है कि पूजा तिवारी की नियुक्ति मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र की प्रत्याशा में तथा खुशबू राय की नियुक्ति चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन की प्रत्याशा में प्रावधिक रूप से की गई है। सभी अधिकारियों के जाति एवं EWS प्रमाण पत्र का सत्यापन संबंधित जिला कलेक्टरों द्वारा किया जाएगा। किसी भी स्तर पर जानकारी असत्य पाए जाने पर सेवा तत्काल समाप्त कर दी जाएगी। यह पूरी नियुक्ति प्रक्रिया माननीय उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अध्यधीन रहेगी। इन अधिकारियों पर 01 जनवरी 2005 से प्रभावी नवीन अंशदायी पेंशन योजना (NPS) लागू होगी।