छतरपुर, संजय अवस्थी। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट द्वारा छात्रसंघ चुनाव कराने के संबंध में शासन को निर्देश दिए जाने के बाद छतरपुर में एनएसयूआई ने छात्र राजनीति को लेकर अपनी मांग तेज कर दी है। बुधवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में एनएसयूआई पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता आयोजित कर छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने की मांग की। एनएसयूआई ने कहा कि यदि सरकार प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव नहीं कराती है तो संगठन आंदोलन करेगा।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विवेक अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा शासन को छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं। एनएसयूआई की मुख्य मांग है कि चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली के बजाय प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं, ताकि छात्र स्वयं अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार इस मांग को स्वीकार नहीं करती है तो एनएसयूआई द्वारा सीएम हाउस का घेराव किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा।
पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकेंद्र वर्मा ने कहा कि प्रेसवार्ता का उद्देश्य हाई कोर्ट के फैसले को लेकर संगठन का पक्ष रखना है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने की बात कही है और एनएसयूआई सहित कांग्रेस से जुड़े छात्र नेताओं की मांग है कि चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से ही संपन्न कराए जाएं।
पूर्व एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजवर्धन मिश्रा ने कहा कि अब हाई कोर्ट के फैसले का पालन प्रदेश सरकार को करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से 2026 तक छात्रसंघ चुनाव नहीं होना भाजपा सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव होने से विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलेगा और छात्र फीस सहित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी आवाज मजबूती से उठा सकेंगे।
प्रेसवार्ता में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विवेक अग्रवाल, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष लखन पटेल, पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकेंद्र वर्मा, पूर्व एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजवर्धन मिश्रा, अश्वनी मिश्रा सहित कांग्रेस और एनएसयूआई के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।




