जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 12 नए जजों की नियुक्ति के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि अगले एक पखवाड़े (15 दिन) के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद हाईकोर्ट में पदस्थ जजों की कुल संख्या बढ़कर 49 हो जाएगी।जजों की संख्या बढ़ने से हाईकोर्ट में लंबित चल रहे लगभग 4.78 लाख मुकदमों के शीघ्र निपटारे और पेंडेंसी कम करने में काफी तेजी आएगी।


इन 5 जिला जजों के नामों को मिली कॉलेजियम की मंजूरी

शुक्रवार को हुई बैठक में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश के 5 जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को हाईकोर्ट जज के रूप में पदोन्नत (Promoted) करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई:

  1. रेणुका कंचन (रजिस्ट्रार, भोपाल गैस त्रासदी आयुक्त कार्यालय)
  2. कृष्णमूर्ति मिश्रा (प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर)
  3. वीरेंद्र सिंह राजपूत (प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नीमच)
  4. ममता जैन (प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धार)
  5. आशिता श्रीवास्तव (प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, झाबुआ)


7 अधिवक्ताओं के नाम पहले ही हो चुके हैं स्वीकृत

इससे पूर्व 26 अक्टूबर को आयोजित कॉलेजियम बैठक में हाईकोर्ट के 7 वरिष्ठ वकीलों को जज नियुक्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी:

  • इंदौर: डॉ. विवेक शरण और भक्ति व्यास
  • ग्वालियर: राजेश कुमार शुक्ला
  • जबलपुर: कनक गहरवार, श्रेयस पंडित और अविनाश जरगर
  • नई दिल्ली: मृणाल एलकर


इतिहास में पहली बार: एक साथ 7 महिला जज संभालेंगी जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के इतिहास में यह पहला ऐतिहासिक अवसर होगा जब एक साथ 7 महिला जज पीठ की शोभा बढ़ाएंगी: फिलहाल हाईकोर्ट में केवल एक महिला जज जस्टिस अनुराधा शुक्ला (ग्वालियर खंडपीठ में) पदस्थ हैं। मंजूर किए गए 12 नए नामों में 6 महिलाएं शामिल हैं (कनक गहरवार, भक्ति व्यास, मृणाल एलकर, रेणुका कंचन, ममता जैन और आशिता श्रीवास्तव)। इनके पदभार ग्रहण करते ही हाईकोर्ट में महिला जजों की कुल संख्या बढ़कर 7 हो जाएगी।


जस्टिस प्रमोद अग्रवाल 8 नवंबर को होंगे सेवानिवृत्त

हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ में पदस्थ जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल आगामी 8 नवंबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। उनके रिटायर होने से हाईकोर्ट में जजों की संख्या घटकर 37 रह जाएगी। माना जा रहा है कि उनके सेवानिवृत्त होने के तुरंत बाद इन 12 नए जजों की औपचारिक नियुक्ति होगी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों के कुल स्वीकृत पद 53 हैं। इन 12 नई नियुक्तियों के बाद हाईकोर्ट में जजों की कुल कार्यरत संख्या 49 तक पहुंच जाएगी, जिससे केवल 4 पद ही रिक्त रहेंगे।