इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में लगातार बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए हाई कोर्ट द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने एक नया और प्रभावी कदम उठाया है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए रसोमा चौराहा, एलआईजी चौराहा, लेंटर्न चौराहा और हुकुमचंद घंटाघर चौराहे पर एक नया टेस्ट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। यदि यह प्रायोगिक व्यवस्था सफल साबित होती है, तो इसे इंदौर के अन्य प्रमुख चौराहों पर भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।


चार प्रमुख चौराहों पर 'लेफ्ट टर्न फ्री' व्यवस्था

हाई कोर्ट की सात सदस्यीय समिति की शनिवार को हुई पहली बैठक में शहर के इन चार अत्यधिक व्यस्त चौराहों को शुरुआती प्रयोग के लिए चुना गया: रसोमा चौराहा, एलआईजी चौराहा, लेंटर्न चौराहा और हुकुमचंद घंटाघर चौराहा। समिति के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी के अनुसार, इन चौराहों पर लेफ्ट टर्न की तरफ सबसे ज्यादा जाम लगता है, क्योंकि वाहन मुड़ने के लिए जगह न मिलने के कारण पीछे तक गाड़ियां रुक जाती हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए अब इन सभी चार स्थानों पर लेफ्ट टर्न को पूरी तरह फ्री रखा जाएगा। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए रास्ते में रुकावट बन रहे स्पीड ब्रेकर्स को हटाया जा रहा है और रॉन्ग साइड (गलत दिशा) से आने वाले वाहनों के प्रवेश पर कड़ी रोक लगाई जा रही है। शनिवार से ही इन चारों जगहों पर इस नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


परिणामों का आकलन और भविष्य की योजनाएं

समिति इन चारों चौराहों पर इस नए ट्रैफिक प्लान के परिणामों का बारीकी से आकलन करेगी। यह परखा जाएगा कि लेफ्ट टर्न फ्री करने और रॉन्ग साइड ड्राइविंग रोकने से जाम की स्थिति में कितना सुधार हुआ है। समिति ने पूर्व में गठित ट्रैफिक सुधार समिति की रिपोर्ट भी मंगवा ली है, ताकि पुराने सुझावों और उन पर अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा की जा सके। शहर में यातायात नियमों के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए हर महीने ट्रैफिक जागरूकता अभियान चलाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। समिति की अगली बैठक 10 नवंबर को होगी, जबकि इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़ी याचिकाओं पर 30 नवंबर को हाई कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है, जहां इस टेस्ट प्रोजेक्ट की रिपोर्ट पेश की जा सकती है।


ट्रैफिक सुधार समिति के 7 सदस्य

हाई कोर्ट द्वारा गठित इस सात सदस्यीय विशेष समिति में प्रशासनिक, कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं:

  1. राहुल सेठी (अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं समिति अध्यक्ष)
  2. डॉ. अमित भाटिया (शासकीय अधिवक्ता)
  3. शिवम वर्मा (कलेक्टर, इंदौर)
  4. क्षितिज सिंघल (नगर निगम आयुक्त)
  5. CEO, इंदौर स्मार्ट सिटी
  6. DCP ट्रैफिक, इंदौर
  7. अंशुल अग्रवाल (सिविल इंजीनियर, IIT दिल्ली)