छतरपुर, संदीप यादव। छतरपुर के मेला ग्राउंड में आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित जलविहार मेले को लेकर इस समय शहर में तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं। एक तरफ जहां स्थानीय पार्षदों ने मेले के प्रबंधों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका प्रशासन हरकत में नजर आ रहा है। आरोपों के बीच प्रशासनिक पारदर्शिता और व्यवस्थाओं को पुख्ता साबित करने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया और सीएमओ माधुरी शर्मा ने अपनी पूरी टीम के साथ मेला परिसर का औचक मुआयना किया।

पार्षदों के आरोपों के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में

मेले के आयोजन को लेकर नगर पालिका के पार्षदों ने हाल ही में तीखी आपत्ति जताई थी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। पार्षदों द्वारा लगाए गए इन तमाम आरोपों और सुगबुगाहटों के बीच नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ ने खुद मैदान में उतरकर स्थिति का जायजा लेना उचित समझा। अचानक हुए इस निरीक्षण से मेला परिसर और आसपास के दुकानदारों में भी खलबली मच गई।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा

निरीक्षण के दौरान नपा अध्यक्ष ज्योति चौरसिया और सीएमओ माधुरी शर्मा ने मेले में आने वाले सैलानियों की सुरक्षा, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने मेला प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी झूले व अन्य मनोरंजन के साधन पूरी तरह सुरक्षित होने चाहिए। नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

खुद झूला झूलकर परखी सुरक्षा व्यवस्था

निरीक्षण के दौरान एक दिलचस्प नजारा तब देखने को मिला जब नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया और सीएमओ माधुरी शर्मा ने मेले में लगे झूलों की सुरक्षा और गुणवत्ता को स्वयं परखने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने खुद झूलों पर बैठकर यह सुनिश्चित किया कि आम जनता और बच्चों के लिए ये झूले पूरी तरह सुरक्षित हैं या नहीं। इस दौरान उनके साथ मौजूद अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मुस्तैद नजर आए।