छतरपुर, संदीप यादव। मध्य प्रदेश के छतरपुर शहर में एक आक्रामक लाल मुंह के बंदर ने ऐसा तांडव मचा रखा है कि पूरा इलाका दहशत के साये में जीने को मजबूर है। पुराना इलाहाबाद बैंक के पिछले हिस्से से लेकर गल्ला मंडी और बघराजन माता मंदिर तक इस बंदर ने अब तक करीब 40 से 50 लोगों को काटकर घायल कर दिया है।

शनिवार को महिला पर किया जानलेवा हमला, चेहरे पर आए गहरे जख्म

बंदर के हमले की ताजा शिकार वार्ड नंबर 7 (संजय गांधी मार्ग) निवासी वीरेंद्र सेन की 38 वर्षीय पत्नी अनीता सेन बनीं। शनिवार को बंदर ने उन पर अचानक हमला कर दिया, जिससे उनके दांतों और जबड़े के पास गहरे जख्म हो गए। घायल महिला को तुरंत नजदीकी क्लिनिक ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों का गुस्सा चरम पर है।

नियमों के फेर में उलझा मामला: 'काले मुंह का नियम है, लाल का नहीं'

जब परेशान रहवासियों ने वन विभाग से गुहार लगाई, तो अधिकारियों की ओर से अजीबोगरीब तर्क सामने आया। कथित तौर पर वन विभाग का कहना है कि काले मुंह के बंदर (लंगूर) को पकड़ने का नियम है, लेकिन लाल मुंह के बंदर (रीसस मैकाक) को पकड़ने का कोई स्पष्ट नियम नहीं है। दूसरी ओर, नगर पालिका भी इस समस्या से पूरी तरह मुंह मोड़े बैठी है। वन विभाग इसे नगर पालिका का काम बता रहा है और नगर पालिका अपनी जिम्मेदारी से बच रही है।

बड़ी अनहोनी की आशंका, जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

दोनों जिम्मेदार विभागों की आपसी खींचतान के कारण इलाके की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। बच्चों और महिलाओं में सबसे ज्यादा खौफ देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बंदर का रंग चाहे जो भी हो, नुकसान आम जनता का ही हो रहा है। क्षेत्रवासियों ने छतरपुर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप कर बंदर को रेस्क्यू कराने और क्षेत्र में शांति बहाल करने की मांग की है।