छतरपुर। बुंदेलखंड के गौरवशाली इतिहास और लोक-संस्कृति के केंद्र मऊसहानियां में आयोजित दो दिवसीय 'विरासत महोत्सव-2026' के मंच पर क्षेत्र के प्रख्यात समाजसेवी एवं सांस्कृतिक चिंतक कीर्तिवर्धन सिंह बघेल को प्रतिष्ठित 'बुन्देलखण्ड गौरव सम्मान' से विभूषित किया गया है। यह सम्मान उन्हें बुंदेली संस्कृति के संरक्षण, पारम्परिक खान-पान की धरोहर को जीवित रखने तथा पर्यावरण संवर्धन के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए दीर्घकालिक और अद्वितीय प्रयासों के लिए प्रदान किया गया है।


बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल की जयंती के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन छतरपुर और महाराजा छत्रसाल महोत्सव विरासत समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भव्य समारोह के दौरान उन्हें मुख्य मंच पर यह स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र भेंट किया गया। समारोह के मुख्य आयोजकों में महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान और महाराजा छत्रसाल महोत्सव विरासत समिति मऊसहानियां शामिल रहे, जिन्होंने श्री बघेल के बहुआयामी सामाजिक व सांस्कृतिक अवदान को सर्वसम्मति से रेखांकित किया।


इस ऐतिहासिक और गरिमामयी क्षण के साक्षी क्षेत्र के तमाम वरिष्ठ जन और जनप्रतिनिधि बने। कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में छतरपुर विधायक श्रीमती ललिता यादव, महाराजपुर विधायक कामाख्या प्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति चौरसिया, छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल और पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा प्रमुख रूप से उपस्थित थे। सम्मान समारोह के दौरान विरासत समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह बुंदेला, सचिव सुशील वैद्य, कार्यक्रम संयोजक राकेश शुक्ला 'राधे' एवं उपाध्यक्ष जयदेव सिंह बुंदेला सहित सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कीर्तिवर्धन सिंह बघेल को स्मृति चिन्ह सौंपकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


कीर्तिवर्धन सिंह बघेल को 'बुन्देलखण्ड गौरव सम्मान' प्राप्त होने के बाद प्रबुद्धजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों द्वारा उन्हें निरंतर बधाइयाँ मिल रही हैं। उनके शुभचिंतकों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि श्री बघेल का बुंदेली माटी, यहाँ की प्राचीन धरोहरों और पर्यावरण के प्रति समर्पण अद्भुत है। यह सम्मान मिलना न केवल उनके निस्वार्थ प्रयासों की सच्ची पहचान है, बल्कि संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र के युवाओं के लिए एक महान प्रेरणा है।