टीकमगढ़/जतारा, मोहसिन अहमद। जतारा स्थित बिजली विभाग के संभागीय कार्यालय में शासकीय कर्मचारियों के साथ हुई कथित मारपीट और दफ्तर में की गई तोड़फोड़ की घटना को लेकर शुक्रवार को बिजली कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। पूर्व क्षेत्र बिजली कर्मचारी महासंघ और भारतीय मजदूर संघ (BMS) के बैनर तले एकजुट हुए सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ शहर में एक विशाल आक्रोश रैली निकाली। इसके बाद कर्मचारियों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ तत्काल नामजद एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग उठाई। दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कानूनी कार्रवाई न किए जाने से बिजली अमले में भारी असंतोष व्याप्त है।
विद्युत मंडल के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, यह पूरी विवादित घटना 2 जून 2026 की है, जब ग्राम रतनगुंवा भाटा के कुछ ग्रामीण 25 केवीए (KVA) का नया ट्रांसफार्मर लेने के लिए जतारा स्थित बिजली विभाग के संभागीय कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद ग्रामीणों ने अचानक उग्र होकर दफ्तर के भीतर जबरन प्रवेश किया और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति (पावर सप्लाई) बंद कर दी। जब ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने उन्हें ऐसा करने से रोका और विरोध जताया, तो ग्रामीणों ने उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार करते हुए शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। यह विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया और हमलावरों ने दफ्तर में रखे सरकारी कंप्यूटर, प्रिंटर, महत्वपूर्ण दस्तावेज और फर्नीचर को तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया।
इस अचानक हुए हमले में जतारा कार्यालय के सहायक चंद्रशेखर नरवरिया सहित कई अन्य लाइनमैन और कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बीच-बचाव करने आईं महिला कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं। पीड़ित कर्मचारियों का आरोप है कि हमलावर जाते समय पूरे स्टाफ को जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। बिजली कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद जतारा थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन 2 दिन का समय बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसी लचर व्यवस्था से नाराज कर्मचारियों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है और कहा है कि यदि शीघ्र ही आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो पूरे जिले की विद्युत व्यवस्था ठप कर व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विक्रम सिंह कुशवाह ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि पुलिस को लिखित शिकायत के साथ ही घटना के कुछ वीडियो भी प्राप्त हुए हैं। इन वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों को चिन्हित किया जा रहा है और जांच पूरी कर जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान बीएमएस के अध्यक्ष नीरज बिदुआ, मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ जबलपुर के प्रभारी मनोज अवस्थी, भारतीय मजदूर संघ के जिला उपाध्यक्ष अनूप यादव सहित पुष्पेंद्र यादव, शुभम जैन, वीर सिंह, गणेश सूत्रकार, तेजपाल सिंह तोमर, कपिल खरे, शिवेंद्र कलावत, दीपेंद्र सिंह बुंदेला, रवींद्र सेन, नीतेश यादव, दीपक मिश्रा, दीपचंद्र रैकवार, प्रमोद जोशी, रिजवान खान, धीरज पटेल, पीयूष असाटी और राजेश कड़ा सहित भारी संख्या में बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

