मुरैना, देवेन्द्र सिंह राजपूत: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर मुरैना पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 'जन विश्वास अभियान 2026' के तहत शहर के कई महत्वपूर्ण संस्थानों का दौरा किया और आमजन से लेकर विद्यार्थियों तक से सीधा संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कसावट लाना, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करना और समाज के हर वर्ग विशेषकर दिव्यांगों और युवाओं का उत्साहवर्धन करना रहा।
दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, बांटे सहायक उपकरण
मुरैना प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सबसे पहले जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और दिव्यांग बच्चों से आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें जरूरी सहायक उपकरण भी वितरित किए। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दिव्यांगजन के सशक्तिकरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उत्कृष्ट विद्यालय में विज्ञान और गुरुत्वाकर्षण पर हुई चर्चा
दिव्यांगजन केंद्र के बाद मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 पहुंचे। विद्यालय परिसर में उन्होंने विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने छात्रों से विज्ञान और गुरुत्वाकर्षण जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत करते हुए उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाली स्थानीय प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित किया।
कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक कसावट और उद्यम संवाद पर जोर
दौरे के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में उद्यम संवाद और जिला सलाहकार समिति की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री समेत अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों का शासन और प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो। साथ ही, जिले के औद्योगिक विकास और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
















