छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां नौगांव में स्थित विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) उपेंद्र देशवाल की अदालत ने नाबालिग से छेड़छाड़ के एक गंभीर मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी विनोद कुमार अहिरवार को दोषी ठहराते हुए 5 साल के कठोर सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है।

घर के बाहर खेलते समय मासूम को उठाकर ले गया था आरोपी

एडवोकेट राहुल रैकवार के अनुसार, यह घटना 7 फरवरी 2025 की दोपहर करीब 2:30 बजे की है। पीड़िता बच्ची अपने घर के बाहर मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। पीड़िता की मां जब उसे देखने बाहर निकली तो बच्ची गायब थी। आसपास के बच्चों से पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी विनोद उसे अपने साथ ले गया है।

अंधेरे कमरे में घबराई हालत में मिली बच्ची, मां के सामने खोली पोल

पीड़िता की मां तुरंत आरोपी के घर पहुंची, जहां आरोपी की चाची ने बच्ची के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसके बाद मां ने खुद आरोपी के कमरे में जाकर देखा। कमरे में काफी अंधेरा था। तलाश करने पर बच्ची कमरे के अंदर बेहद डरी और घबराई हुई अवस्था में मिली। जब मां ने उससे पूछा तो बच्ची ने रोते हुए बताया कि आरोपी उसके साथ जबरदस्ती गलत काम करने की कोशिश कर रहा था और किसी को बताने पर अंजाम भुगतने की बात कह रहा था।

हरपालपुर पुलिस की जांच और एडीपीओ की मजबूत पैरवी से मिली सजा

घटना के तुरंत बाद पीड़िता की मां ने थाना हरपालपुर में आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की विस्तृत विवेचना की और न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। विशेष लोक अभियोजक (एडीपीओ) लोकेश कुमार दुबे ने अदालत के समक्ष सभी ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी विनोद कुमार अहिरवार को दोषसिद्ध पाया और 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।