बेंगलुरु। भारतीय क्रिकेटर संजू सैमसन ने बताया है कि वह जमीन से जुड़े हैं और अपना निडर क्रिकेट खेलते हैं। उन्होंने बताया कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शानदार प्रदर्शन से उन्हें काफी आत्मविश्वास दिया है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बने, जिन्होंने 5 मुकाबलों में 80.25 की औसत के साथ 321 रन बनाए थे। संजू मानते हैं कि इससे उन्हें काफी आत्मविश्वास मिला है।
एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पांचवें टी20 मैच से पहले सैमसन ने कहा, "बिल्कुल, इससे आपको काफी आत्मविश्वास मिलता है। इसके बाद आप अपने खेल के व्यवहार को बेहतर तरीके से समझने लगते हैं। आप अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करते हैं, बाहरी शोर को कम करते हैं और अपने दिमाग में ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करते हैं, जिससे मैदान पर जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। कभी आप रन बनाते हैं और कभी नहीं भी बना पाते। इसलिए मैं इसे समझने की कोशिश करता हूं, जमीन से जुड़ा रहता हूं और निडर क्रिकेट खेलना जारी रखता हूं।"
पांचवें और निर्णायक टी20 मैच में बारिश के कारण रात 8.20 तक टॉस नहीं हो सका है। सैमसन ने बताया कि लगातार बारिश के दौरान जब मैच शुरू नहीं हो पाता, तो उनके दिमाग में क्या चलता है? उन्होंने कहा, "ड्रेसिंग रूम में हमें आपके (चहल) जैसे किसी खिलाड़ी की कमी महसूस होती है, जो माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रख सके। जब बारिश हो रही होती है, तब उस समय क्रिकेट के बारे में बहुत ज्यादा सोचने का कोई मतलब नहीं होता। बिश्नोई और अर्शदीप खुद को व्यस्त रखे हुए हैं, इसलिए आप समझ सकते हैं कि ड्रेसिंग रूम का माहौल कैसा रहता है।"
भारतीय टीम 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड दौरे की तैयारी को लेकर सैमसन ने कहा, "सच कहूं तो आजकल जिस तरह कार्यक्रम तय होते हैं, उसमें अभ्यास या तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिलता। ऐसे में आपका अनुभव काम आता है। आप मानसिक रूप से खुद को अच्छी स्थिति में रखने की कोशिश करते हैं और जो भी समय मिलता है, उसका अधिकतम उपयोग करते हैं। हमारे पास बल्लेबाजी अभ्यास के लिए सिर्फ एक दिन है।"
उन्होंने कहा, "हम 20 तारीख को वहां पहुंचेंगे, 21 तारीख को अभ्यास करेंगे और 22 तारीख को मैच खेलेंगे। इसलिए यहां जो अच्छी चीजें हमने की हैं, उन्हें आगे भी जारी रखने की कोशिश करेंगे। वहां की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने में थोड़ा समय लगता है, इसलिए हम शुरुआती दो-तीन गेंदों में हालात को समझने की कोशिश करेंगे। अनुभव से सीखी हुई बातों का पालन करेंगे और परिस्थितियों का सम्मान करते हुए अपना खेल खेलेंगे।"













