भोपाल। मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई (3 अक्टूबर) को हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद राज्य में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सक्रिय दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती घेरे) के प्रभाव के चलते मौसम लगातार करवट ले रहा है। मौसम केंद्र भोपाल ने शनिवार को प्रदेश के 21 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है।
शनिवार को इन 21 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं: ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, झाबुआ, धार, आलीराजपुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना।
अगले 4 दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम का हाल
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसमी हलचल अभी कुछ और दिन बनी रह सकती है: इस दौरान नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, सिवनी और बालाघाट जिलों में भी बारिश होने का अनुमान है। 20 अक्टूबर से मौसम प्रणाली के कमजोर पड़ने की संभावना है, जिसके बाद तेज बारिश का दौर थम जाएगा और मौसम साफ होने लगेगा।
तापमान में गिरावट और रात की ठंडक
बारिश और बादलों के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे हल्की ठंड का अहसास होने लगा है: अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 17.4 डिग्री, इंदौर में 17.6 डिग्री, कटनी के करौंदी में 18 डिग्री और बैतूल में 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
इस मानसून सीजन का संपूर्ण आँकड़ा (जून से सितंबर)
इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिमी (35.8 इंच) यानी सामान्य (37.3 इंच) से करीब 4% कम यानी 95.9 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई:
- क्षेत्रीय अंतर: पूर्वी हिस्से (जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल संभाग) में औसत से 4% अधिक पानी गिरा, जबकि पश्चिमी हिस्से के जिलों में औसत से 12% कम वर्षा रिकॉर्ड हुई।
- कोटा पूरा करने वाले 25 जिले: भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर।
- कम बारिश वाले 30 जिले: इसके विपरीत, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सीहोर, होशंगाबाद (नर्मदापुरम), बैतूल और धार समेत 30 जिलों में कोटे से कम पानी बरसा है।
















