रायबरेली। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और तापमान में बदलाव के चलते जिले में मौसमी बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। वायरल बुखार, उल्टी और डायरिया (दस्त) के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। गंभीर उल्टी-दस्त से पीड़ित एक बुजुर्ग महिला ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, शुक्रवार को उल्टी-दस्त और तेज बुखार से ग्रसित 23 से अधिक नए मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। अस्पताल की ओपीडी में भी परामर्श के लिए मरीजों की भारी कतारें देखी जा रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालगंज थाना क्षेत्र के मीठापुर निवासी बिंदादेवी (65 वर्ष) को उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायत के बाद 14 अक्टूबर को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण बृहस्पतिवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
शुक्रवार को स्थिति और अधिक गंभीर नजर आई, जब एक ही दिन में डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और तेज बुखार से पीड़ित दो दर्जन के करीब मरीज अस्पताल पहुंचे। इनमें राजेंद्र (52), आरती (19), काजल (12), अखिलेश (38), अभय (24), अंशिका (5), रितिक (5), पिंकी (25) और शिवकुमारी (40) सहित 23 से अधिक लोगों को भर्ती कर उनका उपचार प्रारंभ किया गया। भर्ती मरीजों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।
मामले को लेकर इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनुराग शुक्ला ने बताया कि मौसम में हो रहे अचानक बदलाव के चलते वायरल संक्रमण और खान-पान संबंधी गड़बड़ी से मौसमी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आमजन को सचेत करते हुए सलाह दी कि बदलते मौसम में विशेष एहतियात बरतें, स्वच्छ व उबला हुआ पानी पिएं और बासी अथवा खुले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उल्टी, दस्त अथवा तेज बुखार के लक्षण दिखते ही घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लें।

















