राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बारिश के दिनों में दलदल और कीचड़ की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की 'सुगम संपर्कता परियोजना' के तहत जिले में 101 नई सुदूर (ग्रेवल) सड़कें बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस पहल से उन छोटे गांवों, मजरा-टोलों और दूरस्थ बस्तियों को पहली बार बारहमासी पक्के रास्ते से जोड़ा जाएगा, जो अब तक पक्की सड़कों के इंतजार में थे।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और बजट व्यवस्था
जिले की सभी 6 जनपद पंचायतों में कुल 101 सड़कें स्वीकृत की गई हैं। प्रत्येक जनपद पंचायत को 3 करोड़ रुपये तक के कार्य स्वीकृत किए जाएंगे, जिसमें एक सड़क की अधिकतम लागत 20 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इन ग्रेवल सड़कों को इस प्रकार तैयार किया जाएगा कि आने वाले समय में इन्हें बीटी (डामर) या सीसी (कंक्रीट) सड़कों में आसानी से तब्दील किया जा सके।
किस जनपद को मिलीं कितनी सड़कें?
- जीरापुर: 18 सड़कें
- खिलचीपुर: 18 सड़कें
- नरसिंहगढ़: 17 सड़कें
- राजगढ़: 16 सड़कें
- ब्यावरा: 16 सड़कें
- सारंगपुर: 16 सड़कें
पहली बार होगी तकनीक आधारित ड्रोन मॉनिटरिंग
सड़कों के निर्माण में घटिया सामग्री और लापरवाही की शिकायतों को रोकने के लिए इस बार कड़े तकनीकी मानक अपनाए जा रहे हैं: मार्गों का चयन सिप्री (SIPRI) और रिम्स (RIMS) सॉफ्टवेयर के साथ-साथ ड्रोन सर्वे के आधार पर किया गया है। निर्माण कार्य पर ड्रोन से 3 चरणों में नजर रखी जाएगी—ले-आउट के समय, निर्माण के दौरान, और काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर। निर्माण सामग्री का परीक्षण अधिकृत लैब्स में होगा। ड्रोन फोटो-वीडियो और सभी रिपोर्ट सिप्री पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। वरिष्ठ अधिकारी कम से कम 10% कार्यों का ऑन-स्पॉट निरीक्षण करेंगे।
ग्रामीणों को मिलेंगे यह बड़े फायदे
बरसात में रास्ते बंद होने की समस्या खत्म होगी, जिससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। स्कूली बच्चों की राह आसान होगी और किसानों के लिए अपनी उपज मंडी तक पहुंचाना अधिक किफायती व सुगम हो जाएगा।




