छतरपुर, संजय अवस्थी। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। शुक्रवार को आयोजित बीए सेकंड ईयर एवं बीए एलएलबी की परीक्षा में हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम का प्रश्नपत्र दे दिया गया। इसके बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए अतिरिक्त समय देने की मांग उठाई।


छात्र राजदीप तिवारी ने बताया कि परीक्षा शुरू होने के बाद हिंदी माध्यम के छात्रों को अंग्रेजी का प्रश्नपत्र दिया गया। जब इस संबंध में ड्यूटी पर तैनात प्रोफेसरों से शिकायत की गई तो मामला कुलगुरु तक पहुंचा। लगभग एक घंटे बाद प्रश्नपत्र का हिंदी अनुवाद उपलब्ध कराया गया, लेकिन छात्रों को अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन की गलती का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं छात्र सतेन्द्र शर्मा ने कहा कि बीए एलएलबी की परीक्षा में भी हिंदी माध्यम के छात्रों को अंग्रेजी प्रश्नपत्र थमा दिया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमानी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि महंगी फीस लेने के बावजूद छात्रों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जब छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हैं तो प्रशासन पुलिस बुलाकर दबाव बनाने का प्रयास करता है। छात्रा अंजना अहिरवार ने बताया कि परीक्षा के दौरान छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका कहना था कि जब छात्रों ने इस संबंध में शिक्षकों से बात की तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में छात्रों की एटीकेटी आने का खतरा पैदा हो गया है।


घटना से नाराज विद्यार्थियों और छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर परीक्षा में हुए नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त समय देने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। हालांकि समाचार लिखे जाने तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।