इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधा और उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा वोट को प्राथमिकता दी है और समाज में विभाजन उसकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा रहा है।मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की और आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दी है। जाति और धर्म के आधार पर समाज को विभाजित करना उसकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा रहा है।
गोधरा कांड में निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या की गई। इसके बाद कांग्रेस ने गुजरात सरकार और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने का भरसक प्रयास किया, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सत्य सामने आया और न्यायालय के निर्णय ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार सिद्ध कर दिया।
उन्होंने गुजरात के गोधरा कांड की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि कार सेवक अपना काम करके घरों को लौट रहे थे तभी गोधरा में निर्दोष लोगों को मरने मारने का षड्यंत्र किया गया और बाद में कांग्रेस ने पूरे देश में जिनकी धूम मचाई और तत्कालीन नरेंद्र मोदी सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया, मैं न्यायालय का धन्यवाद करूंगा, जिन्होंने उस घटना में गुजरात की सरकार को निर्दोष माना।
उन्होंने आगे कहा कि गोधरा कांड के बाद गुजरात का परिदृश्य बदला और गुजरात दंगों का प्रदेश था, लेकिन जब तक नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री रहे तब पूरे गुजरात से कर्फ्यू लगा बंद हुआ और दंगे बंद करने का काम किसी ने किया तो वह तत्कालीन मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षीय कार्यकाल की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि अयोध्या में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर राम मंदिर बना और कांग्रेसियों ने तो इसमें भी अडंगे डालने की कोशिश की। उन्होंने जनता से कहा कि जब भी कांग्रेसी उनके दरवाजे आए तो कांग्रेसियों से सवाल जरूर पूछे।

