पटना। बिहार विधान परिषद (एमएलसी) की आठ सीटों के चुनाव परिणामों में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। यहां भाजपा के निवर्तमान विधान पार्षद और उम्मीदवार सर्वेश कुमार को हार का सामना करना पड़ा, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार अनिल कुमार झा ने जीत दर्ज की।मतगणना के दौरान शुरुआत में बढ़त बनाए रखने वाले सर्वेश कुमार को अंततः हार का सामना करना पड़ा। जीत के बाद अनिल झा ने इसे आम जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों से वह ईमानदारी और निष्ठा के साथ संघर्ष करते हुए लोगों के बीच रहे हैं। लोगों के सुख-दुख, दर्द और परेशानियों में हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में सात्विक जीवन जीते हुए उन्होंने अपना काम किया है और उनके चरित्र पर कोई दाग नहीं है।
अनिल झा ने कहा कि सभी समाजों और धर्मों के लोगों ने राजनीतिक बंधनों से ऊपर उठकर उन्हें आशीर्वाद दिया है। उन्होंने मतदाताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद जीत का अंतर स्पष्ट होगा। उन्होंने बड़े अंतर से जीत का दावा भी किया।
इस बीच, राजद नेता शक्ति यादव ने बिहार विधान परिषद चुनाव के परिणामों को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि आठ सीटों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की थीं। राजद ने दो सीटों पर जीत हासिल की है।
उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने पटना स्नातक और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी उसका प्रदर्शन बेहतर रहा है। शक्ति यादव ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में लगभग छह हजार मतों को रद्द किए जाने का मुद्दा उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मत रद्द किए गए। उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि ईवीएम के जरिए चुनाव कराने में गड़बड़ियों की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को स्वस्थ और जीवंत बनाए रखने के लिए देश में बैलेट से चुनाव होना चाहिए।
इससे पहले, राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने लिखा था कि 27 अक्टूबर से शुरू हुई मतगणना 29 अक्टूबर तक जारी है और 10 प्रतिशत मत अवैध घोषित किए जाने के बावजूद राजद का उम्मीदवार जीत रहा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग मतगणना में जबरन भाजपा की जीत खोजने की कोशिश कर रहा है।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा था कि राजद के कार्यकर्ता मतगणना केंद्र पर मजबूती से डटे हैं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 24 अक्टूबर को मतदान हुआ था, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई थी। सभी आठ सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इनमें भाजपा और राजद ने दो-दो सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि जनता दल (यूनाइटेड) और जन सुराज को एक-एक सीट मिली है। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं।













