मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। केंद्र सरकार की नई अफीम नीति के विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा जिला नारकोटिक्स कार्यालय का घेराव आयोजित किया गया था। इस उग्र प्रदर्शन के कवरेज के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब आईएनसी हरिभूमि के संवाददाता के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और धक्का-मुक्की की गई।
पूर्व विधायक और उनके पुत्र पर लगा बदसलूकी का आरोप
पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि समाचार संकलन के दौरान पूर्व विधायक नवकृष्णा पाटिल और उनके पुत्र आदित्य पाटिल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय मीडियाकर्मियों में भारी आक्रोश फैल गया।
आक्रोशित पत्रकारों ने कोतवाली थाने पहुंचकर सौंपा आवेदन
घटना से नाराज पत्रकारों ने एकजुटता दिखाते हुए कोतवाली थाने का रुख किया और पूर्व विधायक व उनके पुत्र के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर लिखित आवेदन दिया। पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि मीडिया के काम में बाधा डालना और अभद्रता करना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाजपा और वरिष्ठ पत्रकारों ने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा
इस मामले में भाजपा प्रवक्ता यशपाल सिसोदिया ने घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की बात कही। वहीं वरिष्ठ पत्रकार कमलेश मोदी ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। पत्रकारों को उनका काम करने से रोकना अशोभनीय है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मांग की कि ऐसे मामलों में गंभीरता दिखाते हुए दोषियों को संगठन से निष्कासित किया जाए।
पुलिस कार्रवाई और कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर टिकीं नजरें
पत्रकारों द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद अब पूरे मामले में पुलिस की आगामी कार्रवाई और कांग्रेस पार्टी व पूर्व विधायक पक्ष की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं।

















