छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। जिले के सांवरी वन परिक्षेत्र के मुजावरमाल गांव में इंसान के साहस और वन्यजीव के संघर्ष की एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक तेंदुए ने घर के पास 50 वर्षीय महिला पर अचानक हमला कर दिया। अपनी मां की जान पर संकट देख 29 वर्षीय बेटे ने बिना एक पल गंवाए अपनी जान की परवाह किए बिना तेंदुए से सीधा मुकाबला किया और मां को सुरक्षित बचा लिया।

मौत के मुंह से मां को खींच लाया बेटा

घटना के मुताबिक, मुजावरमाल गांव निवासी 50 वर्षीय गीता बट्टी अपने घर के पास मौजूद थीं, तभी अचानक एक खूंखार तेंदुआ वहां आ धमका और उन पर हमला कर दिया। गीता की चीख-पुकार सुनकर उनका 29, वर्षीय बेटा संनोज मौके पर दौड़ा चला आया। उसने देखा कि उसकी मां तेंदुए के चंगुल में हैं। बिना किसी खौफ के संनोज ने तुरंत तेंदुए पर धावा बोल दिया।

आधे घंटे तक चलता रहा जानलेवा संघर्ष

मां और बेटे के बीच तेंदुए से यह संघर्ष करीब आधे घंटे तक चला। संनोज ने अपनी जान की बाजी लगाकर तेंदुए का डटकर मुकाबला किया। इस भीषण संघर्ष में मां और बेटा दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन संनोज ने हार नहीं मानी। आखिरकार, बेटे के साहस और मां की रक्षा के जज्बे के आगे तेंदुए को पीछे हटना पड़ा। जाते-जाते तेंदुआ पास बंधी एक बकरी को उठाकर जंगल की ओर भाग गया।

अस्पताल में इलाज जारी, ग्रामीणों में दहशत

घटना के बाद दोनों घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। जंगल से निकलकर सीधे गांव तक पहुंचे तेंदुए की इस हरकत ने ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग अब अपने घरों के बाहर निकलने से भी डर रहे हैं और वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं।