सागर, स्वाति सोलंकी। मध्यप्रदेश के सागर जिले अंतर्गत मोतीनगर थाना क्षेत्र में शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर लाखों रुपये की चपत लगाने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने वर्धमान कॉलोनी के पास दबिश देकर गिरोह के तीन सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले का कथित मास्टरमाइंड करण चौरसिया फिलहाल पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 मोबाइल फोन जब्त किए हैं और अब तक की पड़ताल में करीब 60 से 70 लाख रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का खुलासा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, मोतीनगर पुलिस को वर्धमान कॉलोनी क्षेत्र में शेयर मार्केट में फर्जी निवेश के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठने का इनपुट मिला था। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन मिले हैं, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने और ऑनलाइन लेनदेन के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब इन मोबाइल डिवाइसों का फोरेंसिक डेटा और कॉल डिटेल खंगाल रही है।

प्रारंभिक तफ्तीश में सामने आया है कि जालसाजों का यह गिरोह लोगों को शेयर बाजार में कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर अपना शिकार बनाता था। मामले में करीब आठ बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनमें ठगी की राशि ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस इन सभी बैंक खातों के स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड निकाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धोखाधड़ी का यह जाल कहां-कहां तक फैला हुआ था।

पुलिस के मुताबिक, फरार चल रहे मुख्य आरोपी करण चौरसिया की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वहीं पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, पीड़ितों की सही संख्या और ठगी की कुल रकम का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा।