छतरपुर, संदीप यादव। टीकमगढ़ जिले से जुड़े एक परिवार पर कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि सात दिन के भीतर घर की दोनों मुख्य धुरियां हमेशा के लिए शांत हो गईं। तीन साल पहले जिन हाथों में मेहंदी रची थी और शहनाइयां गूंजी थीं, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा हुआ है।
अस्पताल के गेट पर ही पत्नी ने तोड़ा दम
टीकमगढ़ जिले के खरगापुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 20 वर्षीय विनीता अहिरवार को पीलिया की शिकायत थी। तबीयत बिगड़ने पर परिजन 21 अक्टूबर को उन्हें छतरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। लेकिन विडंबना यह रही कि अस्पताल के गेट पर पहुंचते ही डॉक्टर के पास ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
सड़क हादसे ने छीना पिता का साया
पत्नी की मौत के गम से परिवार उबर भी नहीं पाया था कि 28 अक्टूबर की शाम एक और बड़ा हादसा हो गया। सीताराम अहिरवार (22 वर्ष) अपनी बाइक से टीकमगढ़ के देरी गांव जा रहे थे, तभी रास्ते में हुए सड़क हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डेढ़ और एक साल की बेटियों के सिर से उठा माता-पिता का साया
मृतक दंपती की शादी महज तीन साल पहले हुई थी। उनके घर में डेढ़ साल और एक साल की दो नन्ही बेटियां हैं। मां के निधन के ठीक सात दिन बाद पिता की भी सड़क हादसे में मौत होने से इन मासूमों के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया है। अब इनकी परवरिश को लेकर पूरा परिवार गहरे सदमे और चिंता में डूबा है।
पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम
गुरुवार, 29 अक्टूबर को छतरपुर जिला अस्पताल में सीताराम के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस मामले में पुलिस द्वारा जीरो पर मर्ग कायम कर पंचनामा और अन्य कानूनी दस्तावेज संबंधित थाने को भेजे जा रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।















