नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली को लेकर विपक्षी दलों की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को रामलीला मैदान पहुंचकर रैली की तैयारियों का जायजा लिया। विपक्षी नेता इस रैली को ऐतिहासिक बनाने का दावा कर रहे हैं। वहीं, एनडीए की ओर से रैली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और इसे व्यापारियों के हितों के खिलाफ बताया जा रहा है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेता महुआ माजी ने कहा कि राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर ट्वीट कर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि यदि केंद्र सरकार हठधर्मिता छोड़कर चुनाव आयोग से जुड़ी विपक्ष की मांगों को स्वीकार कर ले तो इंडिया गठबंधन का आंदोलन 30 सेकंड के भीतर समाप्त हो सकता है। विपक्ष की मांगें बहुत बड़ी नहीं हैं, बल्कि यह न्याय की मांग है। इंडिया गठबंधन व्यापारियों के साथ खड़ा है और उन्हें किसी तरह की परेशानी पहुंचाना उसका उद्देश्य नहीं है।

कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने कहा कि रैली को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है। दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से लोग इसमें शामिल होने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रियंका गांधी ने रैली में आने वाले लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इसमें पानी, चिकित्सा सुविधाएं, बैठने की व्यवस्था, आने-जाने के रास्ते और प्रवेश द्वारों की संख्या जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

कांग्रेस नेता उदय भानु ने कहा कि इंडिया गठबंधन की रैली को युवाओं का शानदार समर्थन मिल रहा है। हर राज्य से हजारों की संख्या में युवा दिल्ली पहुंच रहे हैं।

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने दावा किया कि रैली में शामिल होने के लिए उम्मीद से कहीं अधिक लोग आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्यों में लोगों को रैली में शामिल होने से रोकने की कोशिश की जा रही है।

पवन खेड़ा ने तेलंगाना में ट्रेनों के रद्द होने का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों को दिल्ली आने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इंडिया गठबंधन पीछे हटने वाला नहीं है।

दूसरी ओर, इस रैली को लेकर मुंबई में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता श्रीराज नायर ने कहा कि राहुल गांधी ने 1 नवंबर को बड़ी संख्या में लोगों से एकत्रित होने की अपील की है, ताकि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा सके।

श्रीराज नायर ने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के बावजूद विपक्ष आत्ममंथन करने के बजाय अपनी हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रहा है। राहुल गांधी को अपनी राजनीतिक रणनीति और जनता के बीच अपने काम का विश्लेषण करना चाहिए।

उन्होंने विपक्ष पर तुष्टीकरण की राजनीति करने, हिंदू विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और साधु-संतों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि चुनाव में हार के लिए एसआईआर को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

नायर ने विपक्ष की वोट चोरी के आरोपों को काल्पनिक कहानी बताते हुए कहा कि इसके जरिए देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने एमएलसी चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनावों के नतीजों पर भी विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को लगातार चुनावी हार के बाद सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए, न कि हर बार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने चाहिए।