इंदौर। इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मानव तस्करी के एक संगठित और अंतरप्रांतीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों की नाबालिग लड़कियों को बेहतर भविष्य का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद उनकी वास्तविक उम्र और पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाए जाते थे। फर्जी दस्तावेज तैयार होने के बाद करीब 3 लाख रुपये में उनकी जबरन या फर्जी शादियां करवा दी जाती थीं।
15 वर्षीय किशोरी बड़नगर से बरामद
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी को उसकी ही दोस्त और एक महिला ने मिलकर 3 लाख रुपये में बेच दिया और उसकी शादी करवा दी। बाणगंगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को उज्जैन जिले के बड़नगर से सकुशल बरामद कर लिया है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने मुख्य महिला सरगना सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
नेटवर्क की गहन जांच में जुटी पुलिस
शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह ने कई अन्य नाबालिग बालिकाओं और युवतियों को भी निशाना बनाया है और उनकी फर्जी शादियां करवाई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस अब फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क और गिरोह की अन्य कड़ियों को जोड़ते हुए संभावित पीड़ितों तथा अन्य सह-आरोपियों की तलाश में जुटी है।




