धार। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जहां रिश्वतखोर कर्मचारी और अधिकारी पकड़े जा रहे हैं। अब धार जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक महिला पटवारी को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोचा गया है। लोकायुक्त इंदौर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरदारपुर तहसील की पटवारी भारती राजपूत को जमीन के पट्टे के बदले रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।


मामला सरदारपुर तहसील के भानगढ़ ग्राम पंचायत से जुड़ा है। ग्राम कुमारिया खेड़ी के निवासी लक्ष्मण कुमावत ने कई साल से अपनी कब्जे वाली खाली जमीन पर पट्टा बनवाने के लिए आवेदन किया था। पट्टा उनके नाम होने वाला था, लेकिन काम जल्दी करवाने के लिए जब वे हल्का पटवारी भारती राजपूत के पास पहुंचे तो पटवारी ने पट्टा बनाने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर डाली। बिना रिश्वत के काम नहीं करने की बात कही गई।


परेशान आवेदक लक्ष्मण कुमावत ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के निर्देशन में टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। शुक्रवार 13 मार्च को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये देने के लिए आवेदक को पटवारी के पास भेजा गया। जैसे ही महिला पटवारी भारती राजपूत ने आवेदक से 5 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर लिए, लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।


इस ट्रैप कार्रवाई में लोकायुक्त टीम के कई सदस्य शामिल थे, जिनमें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, मनीष माथुर, कृष्णा अहिरवार और महिला आरक्षक भारती बागोरा आदि शामिल थे। आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच तथा कार्रवाई जारी है।