छतरपुर। दमोह जिले से स्थानांतरित होकर आए राज ललन (आर.एल.) बागरी ने मंगलवार को छतरपुर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया। छतरपुर से उनका पुराना जुड़ाव रहा है, क्योंकि वे पूर्व में यहां नायब तहसीलदार के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने जनसेवा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना होना चाहिए।


डिप्टी कलेक्टर आर.एल. बागरी ने कहा कि "हम पहले एक इंसान हैं, उसके बाद अधिकारी।" उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जमीन से जुड़कर कार्य करेंगे और आम नागरिकों, विशेषकर जरूरतमंद एवं पीड़ित लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सीधे संवाद को प्राथमिकता देंगे। उनका कहना था कि शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना उनकी कार्यशैली का प्रमुख हिस्सा रहेगा।


मूल रूप से सतना जिले की नागौद तहसील के निवासी आर.एल. बागरी प्रशासनिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रखते हैं। वे दमोह जिले में लगातार तीन वर्षों तक एसडीएम के पद पर कार्यरत रहे, जहां जनहित के कार्यों और प्रभावी प्रशासनिक कार्यशैली के लिए उनकी सराहना हुई। छतरपुर जिले की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों से उनकी पूर्व परिचितता प्रशासनिक कार्यों में भी सहायक मानी जा रही है।


प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा भी है कि राज ललन बागरी को जल्द ही जिले के किसी महत्वपूर्ण अनुविभाग की जिम्मेदारी सौंपते हुए एसडीएम के रूप में पदस्थ किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।