भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राज्यसभा चुनाव और मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद के बाद भड़की सियासी चिंगारी अब पोस्टर वॉर के रूप में तब्दील हो गई है। भोपाल स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय के ठीक सामने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को लेकर एक बड़ा और विवादित पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर के सामने आते ही सूबे का राजनीतिक पारा एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है और दोनों ही दलों के बीच तीखा घमासान शुरू हो गया है। खास बात यह है कि इससे पहले भी भाजपा नेता अंशुल तिवारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को "पंचमुखी नाग" बताने वाला पोस्टर लगाकर राजधानी की राजनीति में भारी हलचल मचा चुके हैं।
भाजपा प्रदेश कार्यालय के सामने चस्पा किए गए इस नए पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा समय-समय पर ईवीएम (EVM), चुनाव आयोग और देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) को लेकर दिए गए बयानों पर सीधे सवाल खड़े किए गए हैं। पोस्टर में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा गया है "जब फैसला मन का न हो, तो अदालत भी गलत है?" इसके साथ ही पोस्टर के माध्यम से यह यक्ष प्रश्न भी उठाया गया है कि कांग्रेस और दिग्विजय सिंह द्वारा पहले ईवीएम, फिर चुनाव आयोग, फिर चुनी हुई सरकार और अब देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट पर बार-बार सवाल क्यों खड़े किए जा रहे हैं?
दिग्विजय सिंह को बताया 'वरिष्ठ बयानवीर', कांग्रेसियों ने फाड़ा
पोस्टर में दिग्विजय सिंह को "वरिष्ठ बयानवीर" की उपाधि देते हुए उनके कुछ कथित पुराने और हालिया बयानों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। भाजपा कार्यालय के बाहर इस तरह का पोस्टर लगे होने की खबर जैसे ही आम हुई, कांग्रेस खेमे में भारी आक्रोश फैल गया। कुछ देर बाद ही भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और नेता मौके पर पहुंचे। उन्होंने भारी नारेबाजी और हंगामे के बीच पोस्टर को बीच सड़क पर ही फाड़ दिया और "दिग्विजय सिंह जिंदाबाद" के गगनभेदी नारे लगाए।
हालांकि, सत्ताधारी दल भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर इस पोस्टर से औपचारिक रूप से दूरी बना ली है, लेकिन भाजपा प्रवक्ताओं और नेताओं ने पोस्टर में लिखी बातों और तर्कों पर पूरी सहमति जताते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। भाजपा प्रवक्ता शाहवर आलम का कहना है कि जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है या संवैधानिक संस्थाओं के फैसले उनके पक्ष में नहीं आते, तो वे देश की न्याय प्रणाली और आयोगों पर कीचड़ उछालने लगते हैं। पोस्टर ने सिर्फ जनता की भावनाओं को प्रदर्शित किया है।
'जनता की अदालत में जाएंगे'- कांग्रेस का पलटवार
दूसरी तरफ, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस कृत्य को भाजपा की राजनीतिक हताशा और ओछी मानसिकता का प्रतीक बताया है। मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की डर्टी पॉलिटिक्स और पोस्टर वॉर का सहारा ले रही है।
कांग्रेस का कड़ा रुख: पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा, "हम इस पूरे अलोकतांत्रिक मामले और भाजपा की साजिश को जनता की अदालत में लेकर जाएंगे। सूबे की प्रबुद्ध जनता ही अब यह तय करेगी कि कौन लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खड़ा है और कौन गलत है।"
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा घटनाक्रम और कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने के बाद से ही दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर हमलावर हैं। जीतू पटवारी के बाद अब दिग्विजय सिंह को टारगेट कर लगाए गए इस पोस्टर ने आग में घी डालने का काम किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्टर वॉर आने वाले दिनों में और ज्यादा तूल पकड़ेगा, जिससे प्रदेश का सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।



