ग्वालियर। मध्य प्रदेश की आर्थिक मजबूती और वित्तीय समावेशन को लेकर एक बेहद सकारात्मक रिपोर्ट सामने आई है। 199वीं स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के बैंकों में कुल जमा राशि इतिहास में पहली बार 8 लाख करोड़ के आंकड़े को पार करते हुए 8,17,367 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। बीते एक वर्ष में राज्य के नागरिकों, कारोबारियों और संस्थानों ने बैंकों में 99,099 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जमा कराई है।


बचत की रफ्तार में राष्ट्रीय औसत से आगे निकला मध्य प्रदेश

30 जून 2026 तक मध्य प्रदेश की कुल बैंक जमा में सालाना वृद्धि दर 13.80 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष (8.96%) की तुलना में लगभग डेढ़ गुनी अधिक है। देश स्तर पर शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों की जमा वृद्धि दर 11.35% रही, जबकि मध्य प्रदेश में यही दर 14.38% दर्ज की गई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि बचत की रफ्तार में मध्य प्रदेश पूरे देश से आगे चल रहा है।


छोटे जिलों और ग्रामीण अंचल का बढ़ा योगदान

बैंक जमा में भोपाल और इंदौर का वर्चस्व बना हुआ है, लेकिन अब ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, उज्जैन और सिंगरौली जैसे जिलों का ग्राफ भी तेजी से ऊपर चढ़ा है। ग्वालियर जिले का क्रेडिट डिपॉजिट (CD) रेश्यो 69.26% दर्ज किया गया है। इसका सीधा मतलब है कि बैंकों में जमा हर ₹100 में से लगभग ₹69.26 कर्ज (ऋण) के रूप में स्थानीय व्यापार, स्टार्टअप, कृषि और गृह निर्माण के लिए बाजार में वापस लौट रहे हैं।


बैंक शाखाएं और एटीएम घटे, फिर भी बढ़ा डिजिटल बैंकिंग पर भरोसा

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में बैंक शाखाओं की संख्या 8,785 से घटकर 8,707 रह गई है और एटीएम की संख्या में भी 305 की कमी आई है। बैंक शाखाएं कम होने के बावजूद जमा में 99 हजार करोड़ रुपये का इजाफा यह स्पष्ट करता है कि यूपीआई (UPI), डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता के चलते आम जनता का बैंकिंग तंत्र पर भरोसा और मजबूत हुआ है।


पिछले 3 वर्षों में मध्य प्रदेश का बैंक डिपॉजिट ग्राफ

वर्ष (जून तक)

कुल बैंक जमा राशि (करोड़ ₹ में)

2024

₹6,59,215 करोड़

2025

₹7,18,268 करोड़

2026

₹8,17,367 करोड़